शिमला। हिमाचल प्रदेश अपनी खूबसूरत वादियों के लिए दुनियाभर में प्रसिद्ध है। प्रदेश के बड़े-बड़े पहाड़ औक सेब के बागान सैलानियों को अपनी ओर आकृषित करते हैं। आज हम आपको हिमाचल प्रदेश के एक ऐसे गांव के बारे में बताएंगे- जो कि एशिया का सबसे अमीर गांव है।
करोड़पति है गांव का हर परिवार
यह गांव हिमाचल प्रदेश की राजधानी शिमला से करीब 90 किलोमीटर दूरी पर स्थित है। मड़ावग नाम के इस गांव में रहने वाला हर परिवार करोड़पति है। इस गांव का हर परिवार सालाना एक करोड़ से ज्यादा की कमाई करता है।
आलीशान घर, खड़ी हैं महंगी गाड़ियां
दरअसल, मड़ावग गांव में उच्च क्वालिटी के सेब का उत्पादन होता है। सेब की खेती ने इस गांव की किस्मत ही पलट दी है। यह गांव हर साल करीब 175 करोड़ के सेब बेचता है। इस गांव को देखने के लिए सैंकड़ों सैलानी आते हैं।
यहां के खूबसूरत सेब के बागानों की खुशबू लोगों को अपनी ओर खींचते हैं। इस गांव में बेहद शानदार और आलीशान घर बने हुए हैं। हर घर के बाहर महंगी गाड़िया खड़ी हैं, जिसे देखकर यहां घूमने आने वाले सैलानी दंग रह जाते हैं।
आसानी से हासिल नहीं हुई शानो-शौकत
मड़ावग गांव के लोगों ने यह सब शानो-शौकत सेब की खेती करके हासिल की है। यहां के किसान सेब की पैदावार करने के लिए बर्फबारी और बारिश के दिनों में भी जीतोड़ मेहनत करते हैं।
पूरा गांव करता है खेती का काम
बताया जाता है कि मड़ावग के किसान पहले आलू की खेती किया करते थे।1953-54 के बीच यहां पहला सेब का बाग लगाया गया था। यहां सेब की बेहतरीन पैदावार होने लगी। इसके बाद धीरे-धीरे पूरा गांव सेब की खेती करने लगी। साल 2000 के बाद मड़ावग के सेब को सिर्फ भारत ही नहीं बल्कि पूरी दुनिया में खास पहचान मिली। 230 परिवारों वाला यह गांव दुनिया में सेब की हाईटेक खेती के लिए जाना जाता है।
एशिया का सबसे अमीर गांव
बता दें कि मड़ावग गांव के सेब की क्वालिटी बहुत शानदार होती है। जिसके चलते यह सेब हाथोंहाथ ऊंचे रेट पर बिकता है। यहां का सेब विदेशों में भी काफी पसंद किया जाता है। मड़ावग से पहले राजधानी शिमला का क्यारी गांव एशिया का सबसे अमीर गांव था। क्यारी को भी सेब ने सबसे अमीर गांव का खिताब दिलाया था।