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April 4, 2026

हिमाचल में एंट्री टैक्स पर फिर विवाद: पंजाब के लोगों ने किया चक्का जाम, भाजपा MLA भी धरने पर बैठे

भाजपा का आरोप, हिमाचल और पंजाब के सीमावर्ती क्षेत्र के लोगों पर पड़ रहा असर

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Himachal entry Tax dispute

बिलासपुर। हिमाचल प्रदेश में एंट्री टैक्स को लेकर छिड़ा विवाद एक बार फिर उग्र हो गया है। सुक्खू सरकार के इस फैसले के विरोध में अब न केवल आम जनता, बल्कि भाजपा विधायक भी सड़कों पर उतर आए हैं। आज शनिवार को बिलासपुर के श्री नैना देवी क्षेत्र में एंट्री टैक्स के विरोध में पंजाब के लोगों ने जोरदार प्रदर्शन किया, जहां लोगों ने धरने पर बैठकर चक्का जाम कर दिया और हिमाचल सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। वहीं इस आंदोलन में हिमाचल के भाजपा विधायक भी शामिल हुए और लोगों के समर्थन में धरने पर बैठ गए।

एंट्री टैक्स के विरोध में किया प्रदर्शन चक्का जाम

दरअसल बिलासपुर के देहनी क्षेत्र के पास शनिवार को पंजाब से आए लोगों ने एंट्री टैक्स के विरोध में चक्का जाम कर दिया। इस प्रदर्शन के कारण सड़क पर लंबा जाम लग गया और आम लोगों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ा। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि सरकार ने एंट्री टैक्स में भारी बढ़ोतरी की है, जिससे उन पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ पड़ रहा है। उन्होंने साफ कहा कि जब तक टैक्स पर पुनर्विचार नहीं होगा, उनका आंदोलन जारी रहेगा।

 

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भाजपा विधायकों का समर्थन

इस विरोध प्रदर्शन को उस समय और बल मिला जब भाजपा विधायक डॉ जनक राज मौके पर पहुंचे और धरने में शामिल हो गए। उन्होंने कहा कि एंट्री टैक्स को लेकर विधानसभा में भी मुद्दा उठाया गया था, लेकिन सरकार अपने फैसले पर अडिग रही। उन्होंने इसे जनता के हित के खिलाफ बताते हुए सरकार को आड़े हाथों लिया। उनके अनुसार यह निर्णय पूरी तरह जनविरोधी है और इसे तुरंत वापस लिया जाना चाहिए।

टैक्स बढ़ोतरी पर भाजपा और कांग्रेस आमने-सामने

ऊना से भाजपा विधायक सतपाल सिंह सती ने भी कांग्रेस सरकार पर एंट्री टैक्स बढ़ाने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि पहले यह टैक्स 40 रुपये थाए जिसे बढ़ाकर अब 170 रुपये तक कर दिया गया है। इससे हिमाचल और पंजाब के सीमावर्ती क्षेत्रों में व्यापार और आवाजाही करने वाले लोगों पर अतिरिक्त बोझ पड़ रहा है। दूसरी ओरए कांग्रेस के जिला अध्यक्ष देशराज गौतम ने भाजपा के आरोपों को खारिज किया। उन्होंने कहा कि सरकार ने नोटिफिकेशन के जरिए टैक्स को स्पष्ट किया है और लोगों को राहत भी दी गई है। उनके मुताबिक भाजपा इस मुद्दे को राजनीतिक रूप से भुनाने की कोशिश कर रही है।

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आम जनता पर सीधा असर

एंट्री टैक्स का सीधा असर हिमाचल और पंजाब के सीमावर्ती क्षेत्रों के लोगों पर पड़ रहा है। यहां के लोग रोजमर्रा के काम और व्यापार के लिए एक-दूसरे राज्यों में आते-जाते हैं, जिससे टैक्स बढ़ने पर उनकी जेब पर सीधा असर पड़ रहा है। भाजपा नेताओं ने सुझाव दिया है कि दोनों राज्यों की सरकारें मिलकर इस मुद्दे का समाधान निकालें। उनका कहना है कि टैक्स को कम किया जाए या कोई अन्य विकल्प खोजा जाएए ताकि जनता पर अतिरिक्त बोझ न पड़े।

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एंट्री टैक्स पर गरमाई राजनीति

एंट्री टैक्स को लेकर बढ़ता विवाद अब सड़क से राजनीति तक पहुंच गया है। आने वाले समय में यह मुद्दा और तूल पकड़ सकता हैए अगर सरकार और प्रदर्शनकारियों के बीच कोई ठोस समाधान नहीं निकलता। भाजपा इस मुद्दे को सरकार को घेरने के लिए इस्तेमाल कर रही है, जबकि सरकार अपने फैसले को सही ठहरा रही है। जनता इस बीच पिस रही है और उनकी मुश्किलें बढ़ रही हैं। अब देखना यह होगा कि यह विवाद किस मोड़ पर जाता है और क्या कोई समाधान निकलता है।

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