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August 21, 2025
हिमाचल : घर पहुंची शहीद अरुण की पार्थिव देह, तिरंगे में लिपटे बेटे को देख परिजनों में मची चीख-पुकार
2023 में बतौर अग्निवीर सिपाही भर्ती हुए थे अरुण कुमार
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लाहौल-स्पीति। हिमाचल प्रदेश का जनजातीय जिला लाहौल-स्पीति इन दिनों गहरे शोक में डूबा हुआ है। किशोरी गांव के रहने वाले अरुण कुमार का पार्थिव शरीर उनकी शहादत के चार दिन बाद लाहौल पहुंच गया है।
अरुण को तिरंगे में लिपटा देख परीजनों में चीख-पुकार मची हुई है। अरुण की पार्थिव देह को कुछ देर उनके घर पर अंतिम दर्शन के लिए रखा जाएगा। फिर दोपहर को सैन्य सम्मान के साथ अरुण को अंतिम विदाई दी जाएगी। परिवार और पूरा इलाका चार दिनों से अपने लाल की पार्थिव देह का इंतजार कर रहे थे, लेकिन खराब मौसम के कारण पार्थिव देह को लाहौल पहुंचाने में दिक्कत हो रही थी।
अरुण कुमार पुत्र जय सिंह लद्दाख स्काउट्स में बतौर अग्निवीर सिपाही 2023 में भर्ती हुए थे। रविवार को देश की रक्षा करते हुए सियाचिन की कठोर परिस्थितियों में वीरगति को प्राप्त हो गए। अरुण कुमार को अचानक सिर में तेज दर्द हुआ और देखते ही देखते उन्होंने अंतिम सांसें ले लीं।
उस समय वे सियाचिन ग्लेशियर पर ड्यूटी दे रहे थे, जहां तापमान शून्य से भी 50 डिग्री नीचे चला जाता है। महज दो हफ्ते पहले ही उन्होंने वहां अपनी सेवा शुरू की थी, लेकिन इतनी कम उम्र में देश की रक्षा करते हुए उनका जीवन थम गया।
रविवार को भारतीय वायुसेना का हेलीकॉप्टर अरुण की पार्थिव देह लेकर लेह से चंडीगढ़ पहुंचा था। योजना थी कि जल्द ही उनके पैतृक गांव लाया जाएगा, लेकिन खराब मौसम के कारण अभी तक पार्थिव शरीर लाहौल घाटी नहीं पहुंच पाया। मगर आज अरुण की पार्थिव देह लाहौल पुहंच गई है। अरुण की शहादत के बाद पूरे इलाके में माहौल गमगीन बना हुआ है।