#विविध
August 6, 2025
सुक्खू सरकार का फरमान- बैंकों में जमा होगा मंदिरों का सोना, कमाई का बनेगा जरिया
अरबों का खजाना अब बनेगा आमदनी का जरिया
शेयर करें:
शिमला। हिमाचल प्रदेश के मंदिरों में वर्षों से श्रद्धालुओं द्वारा चढ़ाए गए सोने-चांदी का खजाना अब निष्क्रिय नहीं रहेगा। सरकार इसे गोल्ड मोनेटाइजेशन स्कीम के तहत बैंकों में जमा करवाएगी। इससे जो ब्याज मिलेगा, वह मंदिर ट्रस्ट की आय बनेगा और उससे श्रद्धालुओं के लिए बेहतर सुविधाएं विकसित की जाएंगी।
राज्य के मंदिरों में इस समय लगभग 6 क्विंटल से अधिक सोना और 200 क्विंटल से ज्यादा चांदी जमा है। अकेले बाबा बालक नाथ मंदिर न्यास के पास 30.45 किलो सोना और 3.68 क्विंटल चांदी है। यह खजाना अब राज्य की आस्था और आर्थिक सशक्तिकरण का जरिया बनेगा।
यह भी पढ़ें : अब धराली गांव में फटा बादल: तिनके की तरह बह गए दर्जनों घर, 50 से अधिक लोग लापता; 4 देह मिली
प्रदेश के भाषा एवं संस्कृति विभाग ने सभी मंदिर आयुक्तों और जिला उपायुक्तों को इस योजना पर अमल के लिए पत्र जारी किया है। इसमें स्पष्ट किया गया है कि मंदिर न्यासों की बैठक में इस विषय पर प्रस्ताव पारित कर सरकार को भेजा जाए, ताकि आगे की प्रक्रिया शुरू की जा सके।
किस मंदिर के पास कितना सोना
यह भी पढ़ें : हिमाचल में बारिश का कहर: जलमग्न हो रहा मंडी, कई घर टूटे; पानी में डूब गई गाड़ियां
मंदिर | सोना | चांदी |
---|---|---|
चिंतपूर्णी मंदिर, ऊना | 2.10 क्विंटल | 77.54 क्विंटल |
श्री नयनादेवी मंदिर, बिलासपुर | 2.10 क्विंटल | 82.45 क्विंटल |
ज्वालाजी मंदिर, कांगड़ा | 47.94 किलो | 18.97 क्विंटल |
चामुंडा नंदीकेश्वर मंदिर, कांगड़ा | 19.62 किलो | 7.36 क्विंटल |
बज्रेश्वरी माता मंदिर, कांगड़ा | 36 किलो | 13.45 क्विंटल |
भीमाकाली मंदिर, सराहन | 12.12 किलो | 6.73 किलो |
नोट: ये सभी आंकड़े वर्ष 2023 के हैं।
बाबा बालक नाथ मंदिर ट्रस्ट की बैठक में भी इस प्रस्ताव पर सर्वसम्मति से सहमति दी गई है। मंदिर अधिकारी संदीप चंदेल ने बताया कि अगर प्रदेश के अन्य मंदिर इस योजना को अपनाते हैं, तो बाबा बालक नाथ न्यास भी इसे लागू करेगा।