#विविध

June 17, 2026

हिमाचल में राशन घोटाले पर सरकार सख्त- अब डिपुओं में तौलकर भेजी जाएगी हर बोरी

डिपो संचालकों से भी हर कट्टे का वजन जांचने की अपील

शेयर करें:

Himachal Pradesh PDS Ration News Civil Supplies Corporation Food Supply Department

शिमला। महंगाई के दौर में सस्ते राशन पर निर्भर लाखों परिवारों के लिए राहत की खबर है। सार्वजनिक वितरण प्रणाली की विश्वसनीयता पर उठ रहे सवालों के बीच अब हिमाचल सरकार ने राशन वितरण व्यवस्था को और अधिक पारदर्शी बनाने की दिशा में कदम बढ़ा दिया है।

कम वजन में आ रहा था राशन

डिपुओं में कम वजन के राशन की शिकायतों के बाद खाद्य आपूर्ति विभाग ने पूरी व्यवस्था पर सख्ती दिखानी शुरू कर दी है। प्रदेश में उचित मूल्य की दुकानों के माध्यम से वितरित किए जा रहे आटा, चावल और चीनी के कट्टों में कम वजन की शिकायतें लगातार सामने आ रही थीं।

यह भी पढ़ें- श्रीखंड यात्रा : 10 जुलाई को निकलेगा पहला जत्था, मां चलाशनी के दर्शन की परंपरा फिर होगी शुरू

हिमाचल में राशन घोटाले पर सरकार सख्त

डिपो संचालकों का कहना था कि कई बार उन्हें निर्धारित मात्रा से कम वजन वाले कट्टे मिल रहे हैं, जिससे न केवल उनका नुकसान हो रहा है, बल्कि सार्वजनिक वितरण प्रणाली की विश्वसनीयता भी प्रभावित हो रही है।

गोदामों में होगी सख्त निगरानी

इन शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता मामले विभाग ने हिमाचल प्रदेश राज्य नागरिक आपूर्ति निगम को रिमाइंडर जारी किया है। विभाग ने निर्देश दिए हैं कि होलसेल गोदामों से डिपुओं के लिए भेजे जाने वाले आटा, चावल और चीनी के सभी कट्टों को तौलकर ही भेजा जाए, ताकि वितरण प्रक्रिया के प्रत्येक चरण में जवाबदेही सुनिश्चित हो सके।

यह भी पढ़ें- हिमाचल : 21 वर्षीय नेहा ने उठाया गलत कदम, बहन को कमरे में लट*की मिली; मची चीख-पुकार

डिपुओं में तौलकर भेजी जाएगी हर बोरी

खाद्य आपूर्ति एवं उपभोक्ता मामले विभाग में निदेशक का अतिरिक्त कार्यभार संभाल रहीं रीमा कश्यप ने बताया कि राशन वितरण प्रक्रिया में पारदर्शिता बनाए रखने और लाभार्थियों तक निर्धारित मात्रा में खाद्यान्न पहुंचाने के लिए सिविल सप्लाई कॉरपोरेशन को दोबारा निर्देश जारी किए गए हैं।

डिपो संचालकों से भी हर कट्टे का वजन जांचने की अपील

विभाग ने डिपो संचालकों से भी अपील की है कि वे राशन प्राप्त करते समय हर कट्टे का वजन जांचें। अधिकारियों का मानना है कि डिपो स्तर पर ही वजन की पुष्टि होने से किसी भी प्रकार की गड़बड़ी या विवाद की संभावना काफी हद तक कम हो जाएगी और उपभोक्ताओं को उनका पूरा हक मिल सकेगा।

यह भी पढ़ें- हिमाचल : मनीषा केस में नया मोड़, भाई बोला- मेरी जा.न को भी खतरा, स्कूल पर कई लोगों की नजर

लाख परिवारों को 5,389 डिपुओं के माध्यम से मिल रहा राशन

प्रदेश में कुल 5,389 उचित मूल्य की दुकानें संचालित हो रही हैं, जिनमें 4,974 ग्रामीण क्षेत्रों और 415 शहरी क्षेत्रों में स्थित हैं। प्रदेश के 19,59,499 परिवारों को डिपुओं के माध्यम से आटा, चावल, चीनी, चना दाल, मलका, उड़द दाल, नमक और खाद्य तेल उपलब्ध कराया जा रहा है।

चीनी, दाल, नमक, तेल पर सब्सिडी

प्रदेश सरकार वर्ष 2025-26 के लिए सार्वजनिक वितरण प्रणाली के तहत चीनी पर 50 करोड़ रुपये और दाल, नमक तथा खाद्य तेल पर 165 करोड़ रुपये की सब्सिडी दे रही है। वर्ष 2007 से लागू राज्य विशेष अनुदानित योजना के तहत उपभोक्ताओं को चार प्रकार की दालों में से अपनी पसंद की तीन दालें चुनने की सुविधा भी दी गई है।

नोट : ऐसी ही तेज़, सटीक और ज़मीनी खबरों से जुड़े रहने के लिए इस लिंक पर क्लिक कर हमारे फेसबुक पेज को फॉलो करें

ट्रेंडिंग न्यूज़
LAUGH CLUB
संबंधित आलेख