मंडी। हिमाचल प्रदेश में परिवहन विभाग दिन-रात एक कर अपनी कमाई को बढ़ाने में जुटा है। राजस्व में बढ़ोतरी भी हो रही है और कोशिशों का फल भी कर्मचारियों और अधिकारियों को मिल रहा है।
इसके विपरीत एक ऐसी घटना सामने आई है जिसके बाद परिवहन विभाग के कुछ कर्मचारियों पर अपनी जिम्मेदारी से भागने पर सवाल खड़े हो जाते हैं। मामला मंडी जिला के धर्मपुर परिवहन डिपो से सामने आया है।
बेलगाम स्टाफ, जनता परेशान
खस्ताहाल बसों की हालत के कारण धर्मपुर परिवहन डिपो की बसें रास्ते में ही ब्रेकडाऊन हो जाती है। वहीं, विभाग के कर्मचारियों की कहानी तो कुछ और ही है। समस्या का समाधान करना तो दूर वह सवारियों के लिए व्यवस्था करने में नाकाम साबित हो रहे हैं।
पिछले कल पौने 3 बजे धर्मपुर तड़ा वाया रखेड़ा लोकल रूट पर चलने वाली बस की बुकिंग के लिए आनाकानी करने का मामला सामने आया।
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आधे रास्ते में छोड़ दी सवारी
इस रूट पर चलने वाली बस के स्टाफ ने पिछले कल सवारियों से लबालब भरी बस को रोक ब्रेकडाऊन होने की बात की और आधे रास्ते में सवारियों को छोड़ बस मोड़कर चालक चलता बना। सवारियों का कहना है कि जब मघोघरी मोड़ पर बस पहुंची तो पहुंची तो चालक ने सवारियों को उतार चालक बस मोड़ ली।
5 से 7 किलोमीटर पैदल गई सवारियां
वहीं, इस रूट पर कोई दूसरी बस सेवा भी नहीं है। जिसके कारण सवारियों को पैदल 5 से 7 किलोमीटर का सफर पैदल करना पड़ा। गंत्रैलू, रौह, कुसरी, सपड़ी, रखेड़ा, ठपलेहड़ा, नरेढ़ा, सीरम, तड़ा, भुरका, मंगैनका व ठांबा आदि स्थानों के लिए जाने वाली सवारियों ने डिपो प्रबंधन पर कई सवाल उठाएं। वहीं, इन सवारियों में मरीजों, विद्यार्थियों और छोटे-छोटे बच्चों भी शामिल थे।
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अड्डा प्रबंधन को नहीं किया सूचित
रखेड़ा बस में बैठी सवारियों को धर्मपुर से 1 किलोमीटर दूर मघोघरी मोड़ पर उतारने के मामले में सवारियों का कहना है कि चालक-परिचालक ने अड्डा प्रबंधन से बस खराब होने की सूचना और वैकल्पिक व्यवस्था नहीं की। वह सवारियों को छोड़ निकल गया।
2 दिन पहले भी हुई बस खराब
बता दें कि 2 दिन पहले भी धर्मपुर से मढ़ी जाने वाली बस की टाई रॉड टूट गई थी। कई सवारियों की जान उस वक्त भी बाल-बाल बची। इसके बावजूद भी धर्मपुर डिपो प्रबंधन इस ओर कोई विशेष ध्यान नहीं देता। स्थानीय लोगों का कहना है कि इस पूरे विषय पर विभाग कार्रवाई करें।