कांगड़ा। हिमाचल प्रदेश के कांगड़ा जिले के विकास खंड लंबागांव की अपर लंबागांव पंचायत में एक हास्यास्पद और तनावपूर्ण स्थिति उत्पन्न हो गई। पंचायत के एक व्यक्ति ने ग्रामसभा के दौरान पंचायत उपप्रधान और दो वार्ड सदस्यों को पंचायत कार्यालय के कमरे में बंद कर दिया।
उपप्रधान और वार्ड सदस्य को बंद करके चला गया व्यक्ति
ग्रामसभा के दौरान जब लोग अधिक संख्या में इकट्ठा हुए तो पंचायत उपप्रधान और दो वार्ड सदस्य एक छोटे कमरे में बैठ गए। इसी दौरान, एक व्यक्ति अचानक कमरे में आया और वहां बैठे लोगों से पूछताछ करने लगा। जब उन्होंने बातचीत खत्म की जिसके बाद उसने दरवाजा बंद कर दिया और बाहर चला गया। उपप्रधान और अन्य सदस्यों को अंदर ही बंद कर दिया गया।
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सचिव और प्रधान को नहीं हुई भनक
पंचायत सचिव और प्रधान इस स्थिति से अनजान रहे। जब तक उपप्रधान की बेटी को इस मामले की जानकारी मिली, तब तक काफी समय बीत चुका था। उसने तत्काल दरवाजा खोला और अंदर बंद किए गए लोगों को बाहर निकाला। इसके बाद, जब ग्रामसभा में आए अन्य लोग इस स्थिति से अवगत हुए तब वे काफी गुस्से में आ गए और बिना किसी निर्णय के ही अपने घर लौट गए।
पुलिस में शिकायत दर्ज
उपप्रधान ने इस अनोखी घटना के बाद पुलिस थाना लंबागांव में शिकायत दर्ज करवाई है। डीएसपी अनिल शर्मा ने मामले की पुष्टि करते हुए बताया कि इस मामले में उचित कार्रवाई शुरू कर दी गई है। पुलिस अब इस पूरे घटनाक्रम की जांच कर रही है ताकि भविष्य में ऐसे मामलों को रोका जा सके।
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घंटो बंद रहे उपप्रधान और सदस्य
अपर लंबागांव पंचायत अभी हाल ही में स्थापित हुई है और इसके पास अपना भवन नहीं है। इस कारण, पंचायत का संचालन एक जंजघर में हो रहा है, जहां लोगों के एकत्रित होने की स्थिति काफी कठिन हो जाती है। बुधवार को धूप की अधिकता के कारण पंचायत प्रधान और सचिव समेत अन्य लोग बाहर धूप में बैठे थे, जबकि उपप्रधान और अन्य सदस्य कमरे के अंदर थे।
पिछले कल थी ग्राम सभा
बता दें कि बीते कल प्रदेशभर में 3,615 पंचायतों में ग्राम सभाएं आयोजित की गईं। इन सभाओं में स्वच्छता, नशे से बचाव और प्राकृतिक आपदाओं के नुकसान पर चर्चा की गई। पंचायत प्रतिनिधियों ने युवाओं को नशे से बचाने के लिए प्रस्ताव पारित किए और इस विषय पर शपथ भी ली।
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मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने पंचायतों को निर्देश दिया है कि वे नशे के दुष्प्रभावों के प्रति जागरूकता फैलाने के लिए सक्रिय भूमिका निभाएं। उन्होंने पंचायत प्रतिनिधियों से अपील की कि वे समाज में सकारात्मक बदलाव लाने के लिए प्रयासरत रहें और युवाओं को सुरक्षित और स्वस्थ जीवन जीने के लिए प्रेरित करें।