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November 7, 2024

हिमाचल :शादी में अब नहीं मचेगा हल्ला, न परोसी जाएगी शराब- यहां जानिए

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हमीरपुर। हिमाचल प्रदेश के हमीरपुर जिले के लंबलू ग्राम पंचायत ने शराब और नशीले पदार्थों के खिलाफ अपनी लड़ाई को और मजबूत करते हुए एक महत्वपूर्ण निर्णय लिया है। अब वह उन परिवारों को सम्मानित करेगा जो विवाह समारोहों में शराब और अन्य नशीले पदार्थों का सेवन नहीं करेंगे। पंचायत का यह निर्णय समाज में नशा मुक्त वातावरण बनाने के उद्देश्य से लिया गया है।

महिलाओं को विेशेष सम्मान

पंचायत की बैठक में मुखिया करतार सिंह चौहान ने इस पहल की घोषणा की है। उनका कहना है कि लंबलू ग्राम पंचायत को नशा मुक्त बनाने के लिए हम लगातार प्रयास कर रहे हैं। अब हम उन परिवारों को सम्मानित करेंगे जो इस अभियान में सक्रिय रूप से हिस्सा लेते हुए विवाह समारोहों में शराब और अन्य नशीले पदार्थों का प्रयोग नहीं करेंगे। खासकर हम उन महिलाओं को सम्मानित करेंगे जो इस पहल में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं। यह भी पढ़ें : हिमाचल : बच्चों को छोड़कर घर लौट रहा था पिता, गहरी खाई में गिरी कार

नशे के खिलाफ बढ़ेगी जागरूकता

बता दें कि लंबलू ग्राम पंचायत पहले ही शराब और धूम्रपान करने वालों के खिलाफ दंड लगाने का निर्णय ले चुकी है। पंचायत का मानना है कि यह पहल समाज में सकारात्मक बदलाव लाएगी और नशे के खिलाफ जागरूकता बढ़ेगी। मुखिया ने बताया कि इस अभियान में अधिकांश परिवारों ने बढ़-चढ़कर सहयोग किया है और अब उनका उद्देश्य पूरे गांव को नशा मुक्त बनाना है। यह भी पढ़ें : हिमाचल : बस ड्राइवर को आया चक्कर, रौंदी 3 गाड़ियां- हर ओर मची चीख-पुकार

पेड़ों की अंधाधुंध कटाई पर भी बड़ा फैसला

बैठक में पंचायत के अन्य मुद्दों पर भी चर्चा हुई है। जिनमें आवारा पशुओं और जंगली जानवरों से संबंधित समस्याओं को लेकर सुझाव दिए गए। इसके अलावा, पेड़ों की अंधाधुंध कटाई को रोकने के लिए भी एक प्रस्ताव पारित किया गया, जिसे सर्वसम्मति से मंजूरी मिली। पंचायत ने इस पहल को लागू करने के लिए धन खर्च करने का निर्णय लिया, लेकिन इसके लिए पंचायत की अनुमति आवश्यक होगी। यह भी पढ़ें : हिमाचल में पाकिस्तान से आया फोन- हेलो मैं CBI ऑफिसर बोल रहा हूं, आपका बेटा…

लंबलू पंचायत ने पेश की नई मिसाल

लंबलू पंचायत के इस कदम से यह साफ हो गया है कि ग्राम स्तर पर भी नशा मुक्त समाज की दिशा में ठोस कदम उठाए जा सकते हैं। पंचायत का यह निर्णय न केवल गांव के लिए, बल्कि पूरे क्षेत्र के लिए एक मिसाल पेश करता है, जिसमें सामूहिक प्रयासों से सामाजिक सुधार की दिशा में सफलता प्राप्त की जा सकती है।

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