शिमला। पद्म भूषण और पद्म विभूषण से सम्मानित देश के महान उद्योगपति रत्तन टाटा ने दुनिया को अलविदा कह दिया है। मुंबई के मुंबई के ब्रीच कैंडी अस्पताल में रात के समय उनका निधन हो गया। बताते चलें कि रत्तन टाटा लंबे समय से अस्वस्थ चल रहे थे। तीन दिन पहले उनकी तबीयत बिगड़ गई, जिसके चलते वे अस्पताल में दाखिल थे। देश के प्रधानमंत्री सहित कई अन्य बड़े नेताओं ने उनके जाने पर शोक प्रकट किया है।
बताते चलें कि रत्तन टाटा की राजकीय के साथ मुंबई में उन्हें विदाई दी जानी है। रतन टाटा का पार्थिव शरीर आज सुबह कोलाबा स्थित उनके आवास पर लाया गया है। वहीं, महाराष्ट्र सरकार ने आज मुंबई में होने वाले सभी कार्यक्रम रद्द कर दिए है।
शिमला में पढ़े हैं रत्तन टाटा
जानकारी के लिए बता दें कि रत्तन टाटा का शिमला से गहरा नाता रहा है। रप्रारंभिक शिक्षा मुंबई के कैंपियन स्कूल से पूरी करने के बाद वे जॉन कानन स्कूल (मुंबई) में पढ़े। इसके बाद वे शिमला के बिशप काटन स्कूल में भी पढ़ाई कर चुके हैं। हालांकि इसके बाद वे रिवरडेल कंट्री स्कूल (न्यूयार्क) में पढ़ाई के लिए देश से बाहर चले गए।
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बताते चलें कि रत्तन टाटा ने बारिश में भीगते परिवार को देखकर देश की सबसे सस्ती कार बनाई थी। ताकि वह मिडल क्लास फेमली को सुख सुविधा दे सके। 86 की उम्र में दुनिया को अलविदा कहने वाले रत्तन टाटा के बारे में कुछ महत्वपूर्ण बातें जान लिजिए:
जन्म और शिक्षा:
रतन टाटा का जन्म 28 दिसंबर 1937 को मुंबई, भारत में हुआ।
उन्होंने अपनी प्रारंभिक शिक्षा कैथेड्रल और जॉन कॉनन स्कूल से की, और बाद में अमेरिका के कार्नेल विश्वविद्यालय से आर्किटेक्चर में डिग्री प्राप्त की।
टाटा समूह में योगदान:
रतन टाटा ने 1991 में टाटा समूह के अध्यक्ष का पद संभाला और इसे वैश्विक स्तर पर पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
उनके नेतृत्व में टाटा ने विभिन्न क्षेत्रों में विस्तार किया, जैसे कि टाटा मोटर्स, टाटा स्टील, और टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज।
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विशेष परियोजनाएं:
उन्होंने नैनो कार का प्रोजेक्ट शुरू किया, जिसे दुनिया की सबसे सस्ती कार के रूप में पेश किया गया।
टाटा समूह ने कई सामाजिक जिम्मेदारियों के अंतर्गत कई परियोजनाएं चलायी हैं, जैसे कि शिक्षा और स्वास्थ्य के क्षेत्र में योगदान।
उद्यमिता और इनोवेशन:
रतन टाटा ने भारत में स्टार्टअप संस्कृति को बढ़ावा देने के लिए कई निवेश किए हैं, जैसे कि टाटा वेंचर्स।
पुरस्कार और सम्मान:
उन्हें कई पुरस्कारों से नवाजा गया है, जिनमें पद्म भूषण और पद्म विभूषण शामिल हैं।
व्यक्तिगत जीवन:
रतन टाटा अविवाहित हैं और अपने पालतू कुत्तों के साथ समय बिताना पसंद करते हैं।
रतन टाटा के बिजनेस और उनकी कंपनियों के बारे में कुछ प्रमुख जानकारी:
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टाटा समूह:
रतन टाटा ने 1991 से 2012 तक टाटा समूह के अध्यक्ष के रूप में कार्य किया। उनके नेतृत्व में समूह ने कई नई परियोजनाओं और व्यवसायों में निवेश किया।
टाटा मोटर्स:
उन्होंने टाटा मोटर्स के वैश्विक विस्तार पर जोर दिया, विशेषकर नैनो कार के विकास के साथ, जो कि दुनिया की सबसे सस्ती कार मानी जाती है।
टाटा स्टील:
रतन टाटा के नेतृत्व में टाटा स्टील ने कई अधिग्रहण किए, जैसे कि कोरस ग्रुप, जिससे यह दुनिया की सबसे बड़ी स्टील निर्माताओं में से एक बन गई।
टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (TCS):
TCS को वैश्विक आईटी सेवा क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण खिलाड़ी बनाने में रतन टाटा का बड़ा योगदान रहा है।
टाटा पावर:
उन्होंने टाटा पावर को ऊर्जा के नवीकरणीय स्रोतों की दिशा में बढ़ाने का प्रयास किया।
टाटा समूह के अन्य व्यवसाय:
टाटा समूह में कई अन्य कंपनियां भी शामिल हैं, जैसे कि टाटा एयरलाइन्स, टाटा होटल्स (ताज होटल्स), टाटा चाय, और टाटा डॉटकॉम।
सामाजिक जिम्मेदारी:
रतन टाटा ने टाटा समूह को सामाजिक जिम्मेदारी के तहत कई प्रोजेक्ट्स में शामिल किया, जैसे कि शिक्षा, स्वास्थ्य, और सामुदायिक विकास।
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रतन टाटा को कई प्रतिष्ठित खिताबों और पुरस्कारों से नवाजा गया है। जिसमें-
भारतीय सरकार द्वारा पुरस्कार:
- पद्म भूषण (2000): भारत के तीसरे सर्वोच्च नागरिक सम्मान से सम्मानित
- पद्म विभूषण (2008): भारत के दूसरे सर्वोच्च नागरिक सम्मान से सम्मानित।
वैश्विक सम्मान:
- अर्थशास्त्र का नोबेल पुरस्कार (2014): दुनिया के प्रसिद्ध विश्वविद्यालयों द्वारा मान्यता।
- मैनचेस्टर विश्वविद्यालय (2009): मानद डॉ. डिग्री से सम्मानित।
व्यापारिक पुरस्कार:
- सीनियर लीडरशिप अवार्ड: कई अंतरराष्ट्रीय संगठनों द्वारा प्रदान किया गया।
- फॉर्च्यून की "500 सबसे प्रभावशाली लोग" सूची में नामित।
शैक्षणिक संस्थानों से मान्यता:
इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ मैनेजमेंट (IIM) अहमदाबाद: मानद फेलोशिप।