कुल्लू। हिमाचल प्रदेश के जिला कुल्लू में शिक्षा विभाग के हालात बद से बदतर होते जा रहे है। यहां स्कूलों में मनमानी करते शिक्षकों की लगातार खबरें सामने आ रही है। वहीं इसी बीच एक ऐसा मामला भी जिला से ही सामने आया है जहां महिला शिक्षक हर दिन स्कूल देरी से पहुंचती थी। बता दें कि ये शिक्षिका हर दिन 4 घंटे देरी से स्कूल आती थी। जिसके बाद ये मुद्दा अब जाकर गरमाया हुआ है।
3 साल से चल रहा क्रम
दरअसल, कुल्लू जिला की लगघाटी के प्राइमरी स्कूल चौपड़सा से यह मामला प्रकाश में आया कि यहां पर बीते 3 सालों से महिला टीचर मनमर्जी से स्कूल आती हैं। यही नहीं आने के बाद महिला टीचर अपने काम पर ध्यान ना देकर बस खानापूर्ति करके घर लौट जाती है।
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एक शिक्षक छुट्टी पर, दूसरी गायब
बताया जा रहा है कि लगघाटी के चौपड़सा प्राइमरी स्कूल में इस समय दो शिक्षकों की तैनाती की गई है। इसमें एक महिला शिक्षक भी है जो अपनी मर्जी की मालकिन है। मंगलवार को एक शिक्षक छुट्टी पर था तो मैडम 12:30 बजे तक स्कूल पहुंच रही थी। जिसके बाद शिक्षा विभाग के अधिकारियों की टीम स्कूल पहुंची तो इस मामले पर से पर्दा भी उठ गया।
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बच्चों ने बताया सच
शिक्षा खंड-2 की बीपीओ अधिकारी जीवनबाला स्कूल में इंस्पेक्शन पर पहुंची। जहां, उन्होंने महिला टीचर को नदारद पाया। इसके बाद महिला टीचर जब स्कूल पहुंची तो बताया कि बस लेट होने के चलते देर हो गई। इसके बाद बच्चों से इस बारे में जानकारी ली गई तो बच्चों ने बताया कि अक्सर महिला टीचर 12 बजे के बाद ही स्कूल पहुंचती है।
शिक्षा विभाग की टीम मौके पर पहुंची
इस घटना के बाद प्रारंभिक शिक्षा उपनिदेशक सुरेंद्र कुमार शर्मा भी टीम के साथ स्कूल पहुंचे। जहां एसएमसी कमेटी को भी इस मामले में बातचीत के लिए बुलाया गया। बता दें कि इस दौरान महिला टीचर के बयान भी लिए गए और एसएमसी कमेटी के भी।
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कई बार हो चुकी है शिकायत
इधर, एमसी स्कूल के प्रधान महेंद्र सिंह ने एक बयान में कहा कि वह पिछले पांच सालों से स्कूल के एमसी के प्रधान हैं और पिछले तीन सालों से स्कूल की एक शिक्षक की लेट आने की समस्या से जूझ रहे हैं। उनका कहना है कि जब से मैडम स्कूल में आई हैं, वह रोज 12 बजे के बाद स्कूल पहुंचती हैं। पहले भी इस बारे में शिकायत की गई थी, जिसके बाद शिक्षक ने कुछ समय के लिए स्कूल में शॉर्ट स्टे लिया था। फिर कोरोना के दौरान स्कूल बंद हो गए और जब स्कूल फिर से शुरू हुआ तब से यह समस्या लगातार बनी रही।
महेंद्र सिंह ने बताया कि विभाग को बार-बार इस समस्या के बारे में सूचित किया गया, लेकिन कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। उन्होंने कहा कि कई बार शिक्षक को इस बारे में व्यक्तिगत रूप से भी बताया गया, लेकिन उन्होंने शिकायतों को नजरअंदाज किया।
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अभिभावक की भी शिकायत
इस मुद्दे पर अभिभावक गोरखी देवी ने भी अपनी चिंता व्यक्त की। उनका कहना था कि पिछले तीन सालों से मैम 12:00 बजे के बाद ही स्कूल आती हैं, जिससे बच्चों की पढ़ाई में भारी रुकावट आ रही है। गोरखी देवी ने यह भी बताया कि मंगलवार को तो स्कूल में कोई टीचर भी नहीं था, जिससे छात्रों को और अधिक परेशानी का सामना करना पड़ा।