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December 27, 2025
CM सुक्खू बोले- पहली बार नशे की चपेट में आया युवक दोषी नहीं, सुधार का दिया जाएगा मौका
सरकारी कर्मचारियों पर होगी सख्त कर्रवाई
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बिलासपुर। हिमाचल प्रदेश में नशे के बढ़ते कारोबार पर लगाम कसने के लिए सरकार और पुलिस प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है। नशे के खिलाफ चल रही मुहिम को और तेज करते हुए मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने बिलासपुर जिले में आयोजित वॉकथॉन के दौरान यह बड़ा ऐलान किया कि पहली बार नशे की खेप के साथ पकड़े गए युवाओं को अपराधी नहीं माना जाएगा और उन्हें सुधार का अवसर दिया जाएगा। यह कदम न केवल नशे पर नियंत्रण के लिए है, बल्कि युवाओं को सही राह दिखाने और उन्हें सुधार का मौका देने के उद्देश्य से भी उठाया गया है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, बिलासपुर जिले में आयोजित इस वॉकथॉन में मुख्यमंत्री के साथ प्रशासन के सदस्यों ने मीटिंग कर यह तय किया है कि युवाओं को सुधरने का एक मौका दिया जाएगा। पहली बार नशे की खेप के साथ पकड़े गए युवाओं को अपराधी नहीं माना जाएगा, मगर नशे के कारोबार में बार-बार पकड़े जाने वाले आरोपियों के लिए जेल के अलावा और कहीं स्थान नहीं है।
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उन्होंने कहा कि नशे के काले धंधे में शामिल सरकारी कर्मचारियों और अधिकारियों को चेताया। CM ने साफ कहा कि जो भी सरकारी कर्मचारी इस अवैध धंधे में फंसेगा, उसे कोई माफी नहीं मिलेगी। उनके खिलाफ सरकार बहुत सख्त कार्रवाई करेगी। प्रशासन में शामिल खराब तत्वों की भी पहचान की जा रही है।
CM ने बताया कि 15 नवंबर से यह अभियान शुरू हुआ। इसके पहले हमने पूरी तैयारी की कि हमारे युवा वर्ग को चिट्टे जैसी नशे की आदत कैसे पकड़ रही है। इसके लिए हमने पुलिस, DGP और अन्य अधिकारियों के साथ बैठकें की। अभियान का पहला कदम युवाओं में जागरूकता फैलाना था यह अभियान अब अगले तीन महीनों तक एक बड़े आंदोलन के रूप में चलाया जाएगा।
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सरकार ने प्रदेश की हर पंचायत में चिट्टा मुक्त ग्राम पंचायत अभियान शुरू करने की योजना बनाई है। इस पहल का मकसद केवल नशे की सप्लाई को रोकना नहीं है, बल्कि ग्रामीण इलाकों में लोगों में जागरूकता पैदा करना और युवाओं को नशे की लत से दूर रखना भी है। इसके तहत गांव-गांव जाकर लोगों को नशे के खतरे के बारे में बताया जाएगा, ताकि समाज के हर स्तर पर इस समस्या के प्रति सजगता बढ़े। सरकार का मानना है कि अगर ग्रामीण स्तर पर जागरूकता और सहयोग बढ़ेगा, तो नशे की जड़ को पूरी तरह समाप्त किया जा सकता है।
बिलासपुर में आयोजित इस वॉकथॉन में मुख्यमंत्री के साथ कैबिनेट मंत्री राजेश धर्माणी, पूर्व मंत्री रामलाल ठाकुर, कांग्रेस नेता विवेक कुमार और बड़ी संख्या में स्कूली बच्चे भी शामिल हुए। मुख्यमंत्री खुद पैदल चलकर यह संदेश देने के लिए आगे आए कि नशे के खिलाफ इस लड़ाई में प्रदेश का हर नागरिक सिपाही है और सभी को मिलकर इस महामारी को समाप्त करने में योगदान देना होगा।