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February 27, 2026

हिमाचल में रिटायरमेंट के बाद कानूनगो को मिली प्रमोशन - बनाया नायब तहसीलदार, उठ रहे सवाल

लन में रिटायर कानूनगो बने नायब तहसीलदार, उठे कई सवाल

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सोलन। जब प्रदेश का युवा नौकरी के लिए परीक्षाओं और इंटरव्यू की लंबी कतारों में खड़ा है, तब सरकारी तंत्र की एक ऐसी तस्वीर सामने आई है जो कई सवाल खड़े करती है। एक तरफ हजारों अभ्यर्थी नियुक्तियों के इंतजार में उम्र की सीमा पार कर रहे हैं, दूसरी ओर पदोन्नति की प्रक्रिया इतनी धीमी है कि आदेश रिटायरमेंट के महीनों बाद जारी हो रहे हैं। हिमाचल प्रदेश के सोलन जिला से सामने आया ताजा मामला इसी व्यवस्था की सुस्ती को उजागर करता है।

रिटायरमेंट के बाद मिली पदोन्नति

राजस्व विभाग ने प्रदेशभर में 20 कानूनगो को नायब तहसीलदार के पद पर पदोन्नत करने की अधिसूचना जारी की है। इनमें सोलन जिला के चार ऐसे कानूनगो भी शामिल हैं जो 8 से 10 महीने पहले ही सेवा से सेवानिवृत्त हो चुके हैं।

 

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इनमें 30 अप्रैल 2025 को रिटायर हुए प्रेम चंद, 31 मई 2025 को रिटायर हुए सवरण कुमार, 30 जून 2025 को रिटायर हुए धनी सिंह और 30 अप्रैल 2025 को सेवानिवृत्त विजय कांत शामिल हैं। विभागीय अधिसूचना में उनकी रिटायरमेंट का स्पष्ट उल्लेख किया गया है, जिससे यह स्थिति किसी प्रशासनिक भूल की बजाय प्रक्रिया में हुई देरी का परिणाम प्रतीत होती है।

बड़ा सवाल: क्या मिलेंगे वित्तीय लाभ?

अब सबसे बड़ा प्रश्न यह है कि क्या इन अधिकारियों को नायब तहसीलदार के पद के वित्तीय लाभ मिलेंगे या नहीं। नियमों की व्याख्या और विभागीय निर्णय पर सबकी नजरें टिकी हैं। हालांकि अब वे अपने नाम के साथ रिटायर्ड नायब तहसीलदार का पदनाम जरूर लिख सकेंगे, लेकिन वास्तविक लाभ को लेकर स्थिति स्पष्ट नहीं है।

विजय कांत ने प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि यदि सरकार इस पदोन्नति के साथ वित्तीय लाभ भी प्रदान करे तो यह उचित होगा।

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युवाओं में असंतोष दिखा

यह मामला ऐसे समय में सामने आया है जब प्रदेश में बेरोजगारी एक बड़ी चुनौती बनी हुई है। भर्ती प्रक्रियाएं लंबित हैं, परिणामों में देरी हो रही है और कई विभागों में पद खाली पड़े हैं। ऐसे में रिटायरमेंट के बाद पदोन्नति का यह उदाहरण व्यवस्था की कार्यशैली पर सवाल खड़े करता है। यदि पदोन्नति की प्रक्रिया समय पर पूरी हो जाती, तो संबंधित अधिकारियों को कार्य करने का अवसर मिलता और खाली पदों पर नई भर्तियों का रास्ता भी खुल सकता था।

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