कांगड़ा। हिमाचल प्रदेश में आए दिन कई सड़क हादसे पेश आते हैं। इन हादसों में गाड़ियां बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो जाती हैं। ऐसे में लोग दुर्घनाग्रस्त गाड़ी का कंपनी का इंश्योरेंस मांगते हैं। मगर बहुत बार ऐसा होता है कि कंपनी इंश्योरेंस की रकम अदा करने में आनाकानी करती है। जिसका असर लोगों की जेब पर पड़ता है।
बीमा कंपनी पर एक्शन
ऐसा ही एक मामला अब कांगड़ा जिले से सामने आया है। यहां सड़क दुर्घटना में गाड़ी के क्षतिग्रस्त होने के बाद इंश्योरेंस की रकम अदा ना करने पर उपभोक्ता फोरम ने बीमा कंपनी पर एक्शन लिया है।
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चुकाने पड़ेंगे 1,03,626 रुपए
उपभोक्ता फोरम ने इंश्योरेंस कंपनी को शिकायतकर्ता को 9 प्रतिशत ब्याज समेत 1 लाख 3 हजार 626 रुपए की राशि देने के आदेश दिए हैं। साथ ही इंश्योरेंस कंपनी को 20 हजार रुपए न्यायालय शुल्क और मुकद्दमे के खर्च के रूप में 10 हजार रुपए भी अदा करने होंगे।
इंश्योरेंस कंपनी से करवाया था बीमा
जानकारी के अनुसार, कांगड़ा जिले के संदीप कुमार ने एक नई सामान ढोने वाली गाड़ी खरीदी थी। जिसका उसने 7 अगस्त, 2023 को 19,805 रुपए का एक साल का बीमा एक इंश्योंरेंस कंपनी से ऑनलाइन मोड के जरिए करवाया था।
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गाड़ी का एक्सीडेंट होने पर खर्च हुए 7500
संदीप की गाड़ी, साल 2024 में 16 फरवरी को सकरी नगरोटा सूरियां के पास एक पेड़ से टकरा कर दुर्घटनाग्रस्त हो गई। इसके बाद संदीप गाड़ी को मरम्मत के लिए ले गया- जिसमें उसका 7500 रुपए खर्चा आया।
कंपनी ने बीमा देने से किया इनकार
इसके बाद संदीप ने गाड़ी के नुकसान को लेकर इंश्योरेंस कंपीन के पास आवेदन किया। मगर कंपनी ने एक महीने बाद गाड़ी के नुकसान को लेकर बीमा राशि देने से मना कर दिया। इसी के चलते संदीप ने बीमा कंपनी के खिलाफ उपभोक्ता फोरम में मामला दर्ज करवाया।
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बीमा कंपनी को देना पड़ेगा
वहीं, अब उपभोक्ता फोरम ने दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद संदीप के हक में फैसला सुनाया है। उपभोक्ता फोरम ने बीमा कंपनी को 1,03,626 रुपए धनराशि, 20 हजार रुपए न्यायालय शुल्क और 10 हजार रुपए मुआवजा राशि देने के आदेश दिए हैं।