#विविध
May 7, 2026
हिमाचल की इस पंचायत में नहीं होंगे चुनाव : आपसी सहमति से गांव वालों ने चुनी युवा प्रधान
ग्रामीणों ने बना कर रखा भाईचारा, निर्विरोध चुने पंचायत के सदस्य
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कुल्लू। हिमाचल प्रदेश के मनाली के पास नवगठित मालंग पंचायत में ग्रामीणों ने पंचायत चुनाव को लेकर एकजुटता और भाईचारे का परिचय दिया है। ग्रामीणों ने सभी जनप्रतिनिधियों का चयन सर्वसम्मति से कर लिया है।
पंचायत स्तर पर आयोजित बैठक में गांव के लोगों ने बिना किसी चुनावी मुकाबले के प्रधान, उपप्रधान और वार्ड सदस्यों के नाम तय किए। ग्रामीणों की सहमति से देचेन्न डोलमा को पंचायत प्रधान चुना गया। जबकि उपप्रधान पद की जिम्मेदारी अनिल सहगल को सौंपी गई।
पंचायत के पांचों वार्डों के लिए भी प्रतिनिधियों का चयन आपसी सहमति से किया गया। वार्ड नंबर-एक से फुंचोग डोलमा, वार्ड-दो से देंवेंद्र कटोच, वार्ड-तीन से मान दासी, वार्ड-चार से दावा डोलमा और वार्ड नंबर-पांच से जीवन लाल को वार्ड सदस्य बनाया गया है।
नवनियुक्त उपप्रधान अनिल सहगल ने बताया कि पंचायत हाल ही में अस्तित्व में आई है। ग्रामीण चाहते हैं कि शुरुआत से ही विकास और भाईचारे की भावना मजबूत बनी रहे।
उन्होंने कहा कि सरकार द्वारा निर्विरोध पंचायतों के लिए घोषित 25 लाख रुपये की प्रोत्साहन राशि को ध्यान में रखते हुए ये फैसला लिया। ग्रामीणों का कहना है कि सभी गांवों ने एकमत होकर प्रतिनिधियों का चयन किया- ताकि भविष्य में पंचायत विकास के नए कार्य तेजी से शुरू किए जा सकें।
बैठक में मौजूद ग्रामीणों ने यह भी फैसला लिया कि आने वाले समय में भी पंचायत चुनाव आपसी सहमति से ही करवाने का प्रयास किया जाएगा। लोगों का मानना है कि राजनीतिक प्रतिस्पर्धा से ऊपर उठकर अगर गांव एकजुट होकर फैसले लें- तो क्षेत्र का समान और संतुलित विकास संभव हो सकता है।
नवनिर्वाचित प्रधान देचेन्न डोलमा, उपप्रधान अनिल सहगल और सभी वार्ड सदस्यों ने ग्रामीणों का आभार जताया। उन्होंने कहा कि पंचायत के लोगों ने जिस भरोसे और एकता का परिचय दिया है, वह पूरे क्षेत्र के लिए प्रेरणादायक है। सभी प्रतिनिधियों ने भरोसा दिलाया कि पंचायत में सड़क, पेयजल, स्वच्छता और अन्य मूलभूत सुविधाओं को मजबूत करने के लिए मिलकर कार्य किया जाएगा।
ग्रामीणों ने कहा कि सरकार की ओर से घोषित 25 लाख रुपये की प्रोत्साहन राशि पंचायत के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। ग्रामीणों ने अन्य पंचायतों से भी अपील की कि वे आपसी भाईचारे को प्राथमिकता देते हुए सर्वसम्मति से प्रतिनिधि चुनने की दिशा में आगे बढ़ें, ताकि गांवों में विकास और सामाजिक सौहार्द दोनों मजबूत हो सकें।