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July 14, 2026
हिमाचल में फिर मंडराया भारी बारिश का खतरा- IMD ने जारी किया 6 दिन का अलर्ट
प्रदेश में मानसून फिर से रफ्तार पकड़ सकता है
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शिमला। हिमाचल प्रदेश में लगातार बारिश के बाद फिलहाल मौसम ने कुछ राहत दी है। राजधानी शिमला समेत राज्य के अधिकांश हिस्सों में पिछले दो दिनों से मौसम साफ बना हुआ है और धूप खिलने से तापमान में बढ़ोतरी दर्ज की जा रही है।
हालांकि यह राहत ज्यादा दिन नहीं रहने वाली। मौसम विभाग ने 18 जुलाई से प्रदेश में एक बार फिर भारी बारिश का दौर शुरू होने की संभावना जताई है। इसके लिए लोगों को पहले से सतर्क रहने की सलाह दी गई है।
मौसम विभाग के अनुसार 17 जुलाई तक प्रदेश के अधिकांश क्षेत्रों में मौसम सामान्य बना रहेगा। इस दौरान व्यापक बारिश की संभावना नहीं है और केवल कुछ स्थानों पर हल्की बूंदाबांदी हो सकती है। लगातार धूप निकलने से तापमान में 2 से 3 डिग्री सेल्सियस तक की बढ़ोतरी होने की संभावना है। मैदानी इलाकों में उमस भी बढ़ सकती है।
मौसम विभाग का कहना है कि 17 जुलाई की रात एक नया वेस्टर्न डिस्टरबेंस सक्रिय होगा। इसके प्रभाव से 18 जुलाई से प्रदेश में मानसून फिर से रफ्तार पकड़ सकता है। विभाग ने 18 से 23 जुलाई तक राज्य के अधिकांश हिस्सों में तेज बारिश का पूर्वानुमान जताया है। ऐसे में भूस्खलन संभावित क्षेत्रों और नदी-नालों के आसपास रहने वाले लोगों को विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी गई है।
प्रदेश में जुलाई के पहले 13 दिनों के दौरान सामान्य से 32 प्रतिशत अधिक बारिश दर्ज की गई है। मौसम विभाग के आंकड़ों के अनुसार 1 से 13 जुलाई के बीच सामान्य तौर पर 94.5 मिलीमीटर वर्षा होती है, जबकि इस बार इसी अवधि में 125 मिलीमीटर बारिश रिकॉर्ड की गई है।
बारिश का असर सभी जिलों में एक जैसा नहीं रहा। किन्नौर में सामान्य से 151 प्रतिशत, सोलन में 115 प्रतिशत और कुल्लू में 107 प्रतिशत अधिक बारिश दर्ज की गई है। वहीं बिलासपुर, हमीरपुर, कांगड़ा, लाहौल-स्पीति और मंडी जिलों में सामान्य से कम वर्षा रिकॉर्ड की गई है।
मौसम विभाग ने कहा है कि 18 जुलाई से मौसम फिर बिगड़ सकता है। इसलिए पहाड़ी क्षेत्रों में यात्रा करने वाले लोग मौसम का ताजा अपडेट देखकर ही सफर करें। साथ ही भूस्खलन संभावित इलाकों, नदी-नालों और संवेदनशील मार्गों पर अतिरिक्त सावधानी बरतने की सलाह दी गई है।