#विविध
August 4, 2026
हिमाचल के अस्पतालों में अब लोकेशन ट्रैक कर लगेगी डॉक्टरों की हाजिरी, गायब हुए तो होगा एक्शन
मरीजों की संख्या के हिसाब से अस्पताल को मिलेगा स्टाफ
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शिमला। हिमाचल प्रदेश सरकार सरकारी मेडिकल कॉलेजों और अस्पतालों में स्वास्थ्य सेवाओं को अधिक जवाबदेह बनाने की तैयारी में है। अब डॉक्टरों, नर्सों, पैरामेडिकल स्टाफ, आउटसोर्स कर्मचारियों और प्रशिक्षु चिकित्सकों को केवल अस्पताल पहुंचना ही नहीं, बल्कि अपनी सटीक लोकेशन के साथ डिजिटल हाजिरी भी दर्ज करनी होगी। इसके लिए सरकार ने 'हिम उपस्थिति' ऐप लागू कर दिया है।
प्रदेश सरकार ने सरकारी मेडिकल कॉलेजों और अस्पतालों में कार्यरत चिकित्सकों एवं अन्य कर्मचारियों की उपस्थिति व्यवस्था को पूरी तरह डिजिटल बनाने का फैसला लिया है। इसके तहत सभी कर्मचारियों को 'हिम उपस्थिति' ऐप के माध्यम से अपनी उपस्थिति दर्ज करनी होगी।
नई व्यवस्था के अनुसार डॉक्टर, नर्स, पैरामेडिकल स्टाफ, आउटसोर्स कर्मचारी और प्रशिक्षु चिकित्सक अस्पताल पहुंचते ही ऐप के जरिए अपनी लोकेशन दर्ज करेंगे। उन्हें यह भी बताना होगा कि वे अस्पताल के किस फ्लोर या किस विभाग में कार्यरत हैं। बताया जा रहा है कि यदि कर्मचारी निर्धारित लोकेशन से बाहर जाता है तो उसकी उपस्थिति स्वतः निरस्त हो सकती है।
सरकार ने सभी मेडिकल कॉलेजों और अस्पतालों को निर्देश दिए हैं कि कर्मचारी अगले कुछ दिनों के भीतर ऐप डाउनलोड कर इसकी प्रक्रिया पूरी करें। ऐप को आधार सत्यापन से भी जोड़ा गया है।
नई व्यवस्था में आउटसोर्स कर्मचारियों को भी शामिल किया गया है। अब उनकी उपस्थिति भी ऐप के जरिए दर्ज होगी, जिससे कागजी रिकॉर्ड पर निर्भरता कम होगी और उपस्थिति संबंधी पारदर्शिता बढ़ेगी। इससे फर्जी हाजिरी और अनियमितताओं पर भी रोक लगाने में मदद मिलने की उम्मीद है।
सरकार मेडिकल कॉलेजों में डॉक्टरों और स्वास्थ्य कर्मचारियों की तैनाती का तरीका भी बदलने जा रही है। अब जिन मेडिकल कॉलेजों में ओपीडी और ऑपरेशन की संख्या अधिक होगी, वहां अतिरिक्त डॉक्टर और पैरामेडिकल स्टाफ तैनात किए जाएंगे।
वहीं, कम मरीजों वाले संस्थानों में आवश्यकता के अनुसार ही स्टाफ रखा जाएगा। सरकार का मानना है कि इस नई व्यवस्था से स्वास्थ्य सेवाएं अधिक प्रभावी होंगी, कर्मचारियों की जवाबदेही बढ़ेगी और मरीजों को बेहतर इलाज मिल सकेगा।