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September 24, 2026

हिमाचल में बदलेगा बिजली बिल भरने का तरीका- UPI और WhatsApp से भी कर सकेंगे पेमेंट

30 लाख बिजली उपभोक्ताओं के लिए बदलेगा बिल भरने का तरीका

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Himachal Electricity Board

शिमला। बिजली का बिल जमा करने के लिए अब अलग-अलग ऐप और वेबसाइट के चक्कर लगाने की जरूरत नहीं पड़ेगी। हिमाचल प्रदेश में करीब 30 लाख बिजली उपभोक्ताओं के लिए बिल भुगतान की व्यवस्था को आसान बनाने की तैयारी चल रही है। 

UPI से लेकर  WhatsApp से होगी पेमेंट

राज्य बिजली बोर्ड एक ऐसी डिजिटल व्यवस्था तैयार कर रहा है, जिसमें UPI, डेबिट-क्रेडिट कार्ड, नेट बैंकिंग, QR कोड, BBPS, RTGS-NEFT, POS मशीन और WhatsApp Payment जैसे सभी विकल्प एक ही सिस्टम से जुड़ जाएंगे।

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इसके लिए बिजली बोर्ड ने RBI से अधिकृत पेमेंट एग्रीगेटर की नियुक्ति की प्रक्रिया शुरू कर दी है। नई व्यवस्था लागू होने के बाद उपभोक्ता अपनी सुविधा के हिसाब से किसी भी डिजिटल माध्यम से बिल जमा कर सकेंगे।

एक ही सिस्टम में दिखेगा पूरा भुगतान

नई व्यवस्था की सबसे बड़ी खासियत यह होगी कि अलग-अलग माध्यम से किया गया भुगतान एक ही डिजिटल सिस्टम में दर्ज होगा। इससे यह पता लगाना आसान होगा कि बिल का भुगतान सफल हुआ या नहीं और पैसा बोर्ड के खाते में पहुंचा या नहीं।

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बोर्ड एक यूनिफाइड वेब आधारित डैशबोर्ड भी तैयार करेगा। इसके जरिए अधिकारी सभी डिजिटल भुगतानों की निगरानी कर सकेंगे। भुगतान का रिकॉर्ड, हिसाब-किताब और लेनदेन से जुड़ी जानकारी भी एक जगह उपलब्ध रहेगी।

तीन महीने में 30 लाख से ज्यादा डिजिटल पेमेंट

बिजली बिलों का ऑनलाइन भुगतान हिमाचल में तेजी से बढ़ रहा है। मई से जुलाई 2026 के बीच बोर्ड को डिजिटल माध्यमों से 30 लाख से ज्यादा भुगतान मिले। इनसे करीब 2027 करोड़ रुपये की राशि जमा हुई।

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इनमें BBPS का सबसे ज्यादा इस्तेमाल हुआ। इस माध्यम से करीब 24.96 लाख लेनदेन हुए और 298.34 करोड़ रुपये मिले। वहीं पेमेंट गेटवे के जरिए 4.28 लाख से ज्यादा भुगतान हुए, जिनसे 724.11 करोड़ रुपये प्राप्त हुए।

बड़े उपभोक्ताओं और संस्थानों ने RTGS और NEFT का ज्यादा इस्तेमाल किया। इन माध्यमों से करीब 46,950 लेनदेन हुए, लेकिन इनकी कुल राशि 1004.41 करोड़ रुपये से ज्यादा रही।

6 अक्टूबर तक दे सकेंगे टेंडर

इस व्यवस्था के लिए बिजली बोर्ड ने पेमेंट एग्रीगेटरों, बैंकों और वित्तीय संस्थानों से प्रस्ताव मांगे हैं। इच्छुक संस्थाएं 6 अक्टूबर 2026 शाम 5 बजे तक अपनी निविदाएं जमा कर सकती हैं।

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नई व्यवस्था में RTGS और NEFT से मिलने वाले भुगतान का सेटलमेंट उसी दिन करने का प्रावधान होगा। जबकि UPI, कार्ड, BBPS और दूसरे डिजिटल माध्यमों से मिली राशि अधिकतम अगले कार्य दिवस तक बोर्ड के खाते में पहुंचाने की व्यवस्था रहेगी।

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