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November 22, 2024

हिमाचल : किसकी गलती से छिन गया बच्ची का जीवन? पुलिस तक पहुंचा मामला

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सिरमौर। हिमाचल प्रदेश के सिरमौर जिले में जुड़वा बच्चों में से एक बच्ची की संदिग्ध परिस्थितियों की मौत के मामले ने तूल पकड़ लिया है। मामले को लेकर एक तरफ जहां स्वास्थ्य विभाग गहन जांच कर रहा है। वहीं, अब ये मामला पुलिस तक पहुंच गया है। मामले में पुलिस ने लापरवाही बरतने का केस दर्ज कर लिया है।

कैसे गई बच्ची की जान?

फिलहाल, ढाई महीने की बच्ची की मौत के कारणों का पता नहीं चल पाया है। हालांकि, घटना के बाद से स्वास्थ्य विभाग में हड़कंप मच गया है और क्षेत्र में दहशत का माहौल है। इस घटना ने इलाके में वेक्सीनेशन को लेकर लोगों की चिंताएं बढ़ा दी हैं। यह भी पढ़ें : वर्दी और ग्लैमर का संगम: लेफ्टिनेंट कमांडर प्रिया कायथ बनी मिसेज इंडिया

मौत के कारणों का खुलासा

स्वास्थ्य विभाग के अनुसार, बच्ची की मौत टीकाकरण के कारण नहीं हुई है। मगर सबको बच्ची की पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने का इंतजार है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही बच्ची की मौत के कारणों का खुलासा हो पाएगा। इस गंभीर मामले को लेकर कल यानी 23 नवंबर को AEFI की जिला स्तरीय कमेटी की बैठक भी बुलाई गई है।

क्या है पूरा मामला?

आपको बता दें कि संगड़ाह उपमंडल के द्राबिल गांव में राष्ट्रीय टीकाकरण कार्यक्रम के तहत बीते सोमवार को जुड़वा बच्चों का टीकाकरण किया गया था। इसके बाद दोनों बच्चों की तबीयत अचानक बिगड़ गई- जिन्हें उपचार के लिए नाहन अस्पताल ले जाया जा रहा था। मगर बच्ची ने रास्ते में ही दम तोड़ दिया। बच्ची का जुड़वा भाई स्वस्थ है और अस्पताल में डॉक्टरों की निगरानी में है। यह भी पढ़ें : हिमाचल में युवक को किया डिजिटल अरेस्ट, CBI ऑफिसर बन ठगे 17.50 लाख

मातम में पसरी खुशियां

विदित रहे कि, द्राबिल गांव की एक महिला ने बीती 5 सितंबर को जुड़वा बच्चों (एक बेटी और बेटे) को जन्म दिया था। शादी के करीब 10 साल बाद जुड़वा बच्चों के जन्म होने से परिवार बेहद खुशा था। मगर सोमवार को चंद घंटों में उनकी खुशियां मातम में पसर गई।

संस्कार में नहीं पहुंचे माता-पिता

बच्ची का पोस्टमार्टम मंगलवार को नाहन मेडिकल कॉलेज में करवाया गया और फिर बच्ची का संस्कार कर दिया गया। हृदय विदारक बात ये है कि बच्ची के माता-पिता उसके अंतिम संस्कार में भी नहीं जा सके। उन्हें दूसरे बच्चे की देखभाल के लिए अस्पताल में रुकना पड़ा। यह भी पढ़ें : हिमाचल : पिछले 12 दिन से लापता था पूर्व पंचायत प्रतिनिधि, नाले में मिली देह

स्वस्थ थे दोनों बच्चे

परिजनों का कहना है कि बच्चों के जन्म के बाद वो दो बार बच्चों को शिमला में दिखा चुके हैं। उनके दोनों बच्चे बिलकुल स्वस्थ थे। उनका कहना है कि बच्ची की मौत टीकाकरण की ओवरडोज के कारण हुई है। जबकि, स्वास्थ्य विभाग इस बात से मुकर रहा है। स्वास्थ्य विभाग का कहना है कि बच्ची का ये पहला टीकाकऱरण हुआ था।

पूरी तरह सुरक्षित है टीका

सिरमौर अस्पातल के CMO डॉ. अजय पाठक ने बताया कि बच्ची प्रीमेच्योर थी और पहले नाहन मेडिकल कॉलेज में भर्ती थी। डिस्चार्ज होने के बाद शेड्यूल के अनुसार उसका टीकाकरण किया गया। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय टीकाकरण कार्यक्रम की वेक्सीनेशन पूरी तरह से सुरक्षित है। बच्ची की मौत के असली कारणों का पता पोस्टमार्टम रिपोर्ट और AEFI कमेटी की जांच के बाद ही चल पाएगा। यह भी पढ़ें : हिमाचल के विकास कार्यों पर अनुराग ठाकुर का फोकस, अधिकारियों को दी नसीहत वहीं, ASP सिरमौर रमन कुमार मीणा ने बताया कि बच्ची की मौत के मामले में पुलिस ने लापरवाही बरतने का मामला दर्ज कर लिया है। पुलिस टीम हर पहलू की गहनात से जांच कर रही है। फिलहाल, बच्ची की पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने का इंतजार है।

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