#अपराध

October 15, 2026

हिमाचल में 1.90 लाख कैश और चिट्टे संग तीन युवक गिरफ्तार, एक आरोपी पर पहले से चार मामले दर्ज

हिमाचल में नहीं थम रहे नशे के मामले

शेयर करें:

Bilaspur Chitta News

बिलासपुर। हिमाचल प्रदेश में नशे का कारोबार लगातार चिंता का विषय बना हुआ है। पुलिस की ओर से आए दिन नशा तस्करों के खिलाफ कार्रवाई कर उन्हें सलाखों के पीछे पहुंचाया जा रहा है, लेकिन इसके बावजूद नशे का यह अवैध कारोबार थमने का नाम नहीं ले रहा। 

 

इसी कड़ी में बिलासपुर जिले में पुलिस ने नशा तस्करी के एक मामले का पर्दाफाश करते हुए तीन लोगों को गिरफ्तार किया है। कार्रवाई के दौरान पुलिस ने 5.83 ग्राम चिट्टा, 1 लाख 90 हजार रुपये की नकदी और एक स्कूटर बरामद किया है। पुलिस अब इस बात की जांच में जुटी है कि आरोपी नशे की खेप कहां से लेकर आए थे और बरामद नकदी का संबंध नशे के कारोबार से है या नहीं।

लघट में पुलिस की कार्रवाई, तीन आरोपी गिरफ्तार

मामला बिलासपुर जिले के बरमाणा थाना क्षेत्र का है। पुलिस के अनुसार, टीम लघट इलाके में रेन शैल्टर के समीप गश्त कर रही थी। इसी दौरान संदेह के आधार पर कार्रवाई की गई, जिसके बाद जांच का दायरा आरोपियों में से एक के घर तक पहुंचा। पुलिस ने अजय कुमार उर्फ आजाद के रिहायशी मकान की तलाशी ली। तलाशी के दौरान चिट्टा, नकदी और एक स्कूटर बरामद हुआ। इसके बाद पुलिस ने मामले में तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया।

 

यह भी पढ़ें : हिमाचल में एक और कलियुगी पिता... अपनी 12 वर्षीय बेटी से किया मुंह काला; 2 दिन में दूसरा मामला

 

गिरफ्तार आरोपियों की पहचान अजय कुमार उर्फ आजाद (35), निवासी गांव लघट, डाकघर बरमाणा; अजय (26) और मुनीष (25), दोनों निवासी गांव गसौड़, डाकघर जुखाला, तहसील सदर, जिला बिलासपुर के रूप में हुई है। पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ बरमाणा थाने में एनडीपीएस एक्ट के तहत मामला दर्ज किया है और मामले की आगामी जांच जारी है।

मुख्य आरोपी पर पहले से चार मामले दर्ज

पुलिस जांच में अजय कुमार उर्फ आजाद का पिछला आपराधिक रिकॉर्ड भी सामने आया है। पुलिस के मुताबिक, उसके खिलाफ पहले से चार मामले दर्ज हैं। इनमें तीन मामले मादक पदार्थों से संबंधित हैं, जबकि एक मामला भारतीय न्याय संहिता की विभिन्न धाराओं के तहत दर्ज बताया गया है। पुलिस इस पहलू को गंभीरता से लेते हुए आगे की कार्रवाई कर रही है। पुलिस ने बताया कि पुराने मामलों में आरोपी को मिली जमानत रद्द करवाने के लिए अदालत में विशेष आवेदन किया जाएगा। हालांकि, मौजूदा मामले में आरोपों की पुष्टि न्यायिक प्रक्रिया के तहत होनी बाकी है।

 

यह भी पढ़ें : हिमाचल में फौजी ने किया पत्नी का म**र्डर- लोहे की रॉड से सिर पर किए कई वार

1.90 लाख रुपये कहां से आए

इस कार्रवाई में चिट्टे के साथ बरामद हुई 1 लाख 90 हजार रुपये की नकदी भी जांच का अहम हिस्सा है। पुलिस यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि यह रकम कहां से आई और क्या इसका सीधा संबंध कथित नशा तस्करी से है। इसके साथ ही बरामद स्कूटर की भूमिका और आरोपियों के आपसी संपर्कों की भी जांच की जा रही है। बिलासपुर के पुलिस अधीक्षक अभिषेक धीमान ने मामले की पुष्टि करते हुए बताया कि पुलिस अब चिट्टे की सप्लाई से जुड़े बैकवर्ड लिंकेज खंगाल रही है। जांच का उद्देश्य यह पता लगाना है कि नशे की खेप किस स्रोत से लाई गई थी और इसके पीछे कोई अन्य व्यक्ति या नेटवर्क सक्रिय है या नहीं।

यह भी पढ़ें- हिमाचल में बर्फबारी...10 जिलों में आंधी-तूफान और बारिश का अलर्ट, जानिए मौसम अपडेट

लगातार कार्रवाई के बावजूद नशे का कारोबार बड़ी चुनौती

हिमाचल प्रदेश में चिट्टे और अन्य नशीले पदार्थों की तस्करी के खिलाफ पुलिस अभियान लगातार चलाए जा रहे हैं। जगह-जगह तलाशी, गश्त और गुप्त सूचनाओं के आधार पर कार्रवाई कर आरोपियों को गिरफ्तार किया जा रहा है। इसके बावजूद नशे से जुड़े मामलों का सामने आना इस समस्या की गंभीरता को दर्शाता है।

यह भी पढ़ें- हिमाचल : नवरात्र में मंदिर गेट के सामने चिट्टा बेचने आया था युवक, ग्राहक से पहले पहुंची पुलिस

बिलासपुर में हुई यह कार्रवाई भी इसी बड़ी चुनौती की ओर इशारा करती है। अब पुलिस की जांच का अगला महत्वपूर्ण पड़ाव नशे की सप्लाई के स्रोत और बरामद नकदी की वास्तविक भूमिका का पता लगाना होगा। यदि जांच में अन्य लोगों की संलिप्तता सामने आती है, तो पुलिस की कार्रवाई का दायरा और बढ़ सकता है। फिलहाल, तीनों आरोपियों की गिरफ्तारी के बाद पुलिस पूरे मामले की कड़ियां जोड़ने में जुटी हुई है।

ट्रेंडिंग न्यूज़
LAUGH CLUB
संबंधित आलेख