#अपराध
May 26, 2025
विमल नेगी केस में पेन ड्राइव से छेड़छाड़ की पुष्टि, ASI है आरोपी- सबूतों को मिटाने की कोशिश
24 घंटे सशस्त्र सुरक्षा में रखा गया
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शिमला | हिमाचल पावर कॉर्पोरेशन के चीफ इंजीनियर विमल नेगी की संदिग्ध मौत के मामले में एक बार फिर से न्यायिक और पुलिसिया टकराव सामने आ गया है। हाईकोर्ट द्वारा सीबीआई जांच के आदेश के बाद जहां प्रदेशभर में उम्मीदें जगी थीं, वहीं अब शिमला पुलिस ने इस आदेश को डबल बेंच में चुनौती देने का संकेत दिया है। इसी के चलते रविवार को CBI की टीम शिमला नहीं पहुंची।
शिमला के एसपी संजीव गांधी ने इस मामले में हाईकोर्ट के फैसले को डबल बेंच में चुनौती देने की मंशा सीबीआई मुख्यालय को पत्र लिखकर जताई है। शनिवार को जब सीबीआई की टीम शिमला पहुंची थी, तो एसपी ने रिकॉर्ड देने से इनकार कर दिया, यह कहकर कि वह फैसले के खिलाफ एलपीए (Letters Patent Appeal) दाखिल कर रहे हैं। रविवार को एसपी गांधी ने महाधिवक्ता अनुप रतन से भी कानूनी परामर्श लिया और संभावना जताई जा रही है कि सोमवार को वह अदालत में अपील दाखिल कर सकते हैं।
इस बीच, मामले में निलंबित एएसआई पंकज पर सबूत छुपाने और फॉर्मेट करने का आरोप अब और गंभीर हो गया है। फॉरेंसिक लैब में यह पुष्टि हुई है कि उस पेन ड्राइव से डेटा डिलीट किया गया, जो केस से जुड़ी अहम कड़ी हो सकती है।
उसके खिलाफ अब भारतीय दंड संहिता की धारा 241 के तहत कार्रवाई की जा रही है। यह वही पेन ड्राइव है जिसे शिमला पुलिस की एसआईटी ने बरामद किया था, जबकि ASI पंकज को डीजीपी की एसआईटी ने लगाया था।
इस हाई-प्रोफाइल केस की संवेदनशीलता को देखते हुए पंकज के गांव भराड़ी उप-तहसील में स्थित उसके आवास पर सशस्त्र सुरक्षा बल तैनात कर दिए गए हैं। हाईकोर्ट के निर्देश के बाद IG दक्षिण रेंज और SP शिमला को सुरक्षा सुनिश्चित करने के आदेश दिए गए हैं, ताकि किसी भी अप्रिय स्थिति से बचा जा सके।