#अपराध
April 1, 2026
सैल्यूट हिमाचल पुलिस : सतलुज में कूदी महिला, उफनती लहरों के बीच से बचा लाया जवान
अगर देर हो जाती तो नहीं बच पाती महिला
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शिमला। हिमाचल प्रदेश की राजधानी शिमला से पुलिस का एक ऐसा मानवीय और साहसिक रूप देखने को मिला है। जिसने खाकी वर्दी के प्रति लोगों का भरोसा और मजबूत कर दिया। यहां रामपुर बुशहर में वजीर बावड़ी पुल के पास पुलिस जवानों ने अपनी जान जोखिम में डालकर एक महिला को मौत के मुंह से खींच लाया।
हिमाचल पुलिस के जवानों की इस बहादुरी की हर तरफ चर्चा हो रही है। इस पूरे घटनाक्रम ने एक बार फिर साबित कर दिया कि खाकी सिर्फ कानून व्यवस्था तक सीमित नहीं है, बल्कि जरूरत पड़ने पर यह मानवता की मिसाल भी पेश करती है।
जानकारी के अनुसार, पुलिस थाना रामपुर को सूचना मिली थी कि एक महिला वजीर बावड़ी पुल के आसपास संदिग्ध हालात में घूम रही है और वह किसी भी वक्त सतलुज नदी में छलांग लगा सकती है। सूचना मिलते ही थाना प्रभारी ने मामले की गंभीरता को समझते हुए तुरंत एक पुलिस टीम को मौके पर रवाना किया।
जब पुलिस टीम घटनास्थल पर पहुंची, तो महिला नदी के किनारे बेहद खतरनाक स्थिति में बैठी हुई थी। पुलिसकर्मियों ने उसे समझाने और सुरक्षित स्थान पर लाने की कोशिश की, लेकिन हालात पल भर में बदल गए। महिला ने अचानक शोर मचाते हुए उफनती सतलुज नदी में छलांग लगा दी।
महिला को तेज बहाव में डूबता देख मौके पर मौजूद आरक्षी सतपाल ने बिना एक पल गंवाए नदी में छलांग लगा दी। सतलुज का तेज बहाव और ठंडा पानी किसी भी व्यक्ति के लिए जानलेवा साबित हो सकता था, लेकिन सतपाल ने हिम्मत नहीं हारी।
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उन्होंने काफी संघर्ष के बाद महिला तक पहुंच बनाई और उसे मजबूती से पकड़ लिया। इसी दौरान महिला आरक्षी शीतल ने भी मौके पर सूझबूझ और तेजी का परिचय देते हुए रेस्क्यू ऑपरेशन में अहम भूमिका निभाई। टीमवर्क और हौसले के दम पर दोनों जवानों ने महिला को सुरक्षित किनारे तक पहुंचा दिया। मौके पर मौजूद लोगों ने भी पुलिस के इस साहसिक कदम की सराहना की।
रेस्क्यू के तुरंत बाद पुलिस टीम ने घायल और डरी-सहमी महिला को बिना देर किए खनेरी स्थित नागरिक अस्पताल पहुंचाया। अस्पताल के आपातकालीन वार्ड में डॉक्टरों ने तुरंत इलाज शुरू किया। चिकित्सकों के अनुसार, महिला की हालत अब स्थिर है और वह खतरे से बाहर बताई जा रही है।
शुरुआती जांच में यह स्पष्ट नहीं हो पाया है कि महिला ने ऐसा कदम क्यों उठाया। पुलिस अब उसके परिजनों से संपर्क करने और पूरे मामले की तह तक जाने की कोशिश कर रही है। आशंका जताई जा रही है कि इसके पीछे पारिवारिक तनाव या मानसिक दबाव कारण हो सकते हैं।
इस पूरे घटनाक्रम ने एक बार फिर साबित कर दिया कि खाकी सिर्फ कानून व्यवस्था तक सीमित नहीं है, बल्कि जरूरत पड़ने पर यह मानवता की मिसाल भी पेश करती है। रामपुर पुलिस के इन जांबाज जवानों का यह साहसिक कार्य न केवल एक जीवन बचाने में सफल रहा, बल्कि समाज में पुलिस की सकारात्मक छवि को भी मजबूत कर गया। हर तरफ हिमाचल पुलिस के जवानों की तारीफ हो रही है।