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September 10, 2024

हिमाचल में रैगिंग : यूनिवर्सिटी में फर्स्ट इयर के छात्र संग सीनियर्स ने पार की हदें

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सोलन। हिमाचल प्रदेश के स्कूलों, कॉलेजों सहित अन्य संस्थानों में रैंगिग पर पूरी तरह से रोक लगाई गई है। रैगिंग को आपराधिक श्रेणी में रखा गया है। बावजूद इसके रैगिंग के कई मामले सामने आते रहते हैं। ऐसा ही एक मामला अब हिमाचल के सोलन जिला की एक निजी यूनिवर्सिटी से सामने आया है।

यूनिवर्सिटी में छात्र के साथ हुई रैगिंग

दरअसल, बहारा यूनिवर्सिटी में पढ़ने वाले एक छात्र ने अपने कुछ सीनियर्स और अन्य साथियों पर रैगिंग करने के आरोप लगाए हैं। मामले में छात्र ने इसकी शिकायत कंडाघाट पुलिस थाने में दर्ज करवाई है। यह भी पढ़ें: हिमाचल : घर बैठे मोटी कमाई करने चली थी महिला, लगा 20.38 लाख का चूना

सीनियर्स ने कमरे में ले जाकर की मारपीट

जानकारी के अनुसार, बहारा यूनिवर्सिटी में प्रथम वर्ष में पढ़ने वाले छात्र ने शिकायत दर्ज करते हुए बताया कि उसके सीनियर्स उसे पिछले कई दिनों से तंग कर रहे थे। दो दिन पहले फाइनल इयर के छात्रों ने उसे अपने कमरे में ले जाकर उसके साथ मारपीट की- जिससे उसको चोटें भी आई हैं।

फाइनल इयर के छात्रों पर FIR

पुलिस ने छात्र की शिकायत के आधार पर FIR दर्ज कर आगामी कार्रवाई शुरू कर दी है। मामले की पुष्टि करते हुए SP सोलन गौरव सिंह ने बताया कि पुलिस टीम द्वारा आरोपी छात्रों से पूछताछ की जाएगी। फिर ही मामले में अगले खुलासे हो पाएंगे। उन्होंने कहा कि किसी भी कॉलेज में रैगिंग और अन्य अनुशासनहीनता बर्दाश्त नहीं की जाएगी। यह भी पढ़ें: हिमाचल के शख्स ने चंडीगढ़ में दी अपनी जा*न, पास में ही पड़ा था वुड कटर

जल्द की जाएगी सख्त कार्रवाई

वहीं, इस संबंध में यूनिवर्सिटी के रजिस्ट्रार विनीत कुमार ने बताया कि उनके पास भी यह शिकायत पहुंची है। सोमवार को यूनिवर्सिटी की एंटी रैगिंग कमेटी की मीटिंग भी हुई है। इस पर जल्द ही सख्त कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि यूनिवर्सिटी रैगिंग के सख्त खिलाफ है और किसी भी सूरत में इसे बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

MMU में छात्रा के साथ रैगिंग

आपको बता दें कि कुछ महीने पहले सोलन के MMU कॉलेज में पीजी कर रही पंजाब की एक छात्रा ने कॉलेज प्रशासन पर लापरवाही करने के आरोप लगाए थे। छात्रा का कहना था कि कॉलेज में उसे रैगिंग करके परेशान किया जा रहा है, जिससे उसके सिर पर चोटें भी आई हैं। मगर कॉलेज प्रशासन इस पर कोई एक्शन नहीं ले रहा है। यह भी पढ़ें: शिमला में 70 बीघा जमीन पर वक्फ बोर्ड का मालिकाना हक, जानें कहां-कहां है भूमि

टांडा कॉलेज में जूनियर्स के साथ रैगिंग

इसके अलावा ऐसा ही एक मामला कांगड़ा जिला के सबसे बड़े स्वास्थ्य संस्थान डॉ. राजेंद्र प्रसाद राजकीय आयुर्विज्ञान चिकित्सा महाविद्यालय टांडा से सामने आया था। टांडा मेडिकल कॉलेज में सीनियर प्रशिक्षु डॉक्टरों ने जूनियर्स की रैगिंग की है। रैगिंग में इन सीनियर प्रशिक्षु डॉक्टरों ने जूनियर डॉक्टरों के साथ ना सिर्फ मारपीट की बल्कि उनके कपड़े तक फाड़ दिए। उल्लेखनीय है कि हिमाचल प्रदेश के शिक्षण स्थानों में बाहरी राज्यों के कई युवा शिक्षा ग्रहण कर रहे हैं। ऐसे में अगर घर से दूर रह रहे किसी भी युवा को शिक्षण संस्थान में कोई परेशानी होती है तो यह उस संस्थान की जिम्मेदारी बनती है कि वह उस परेशानी का निपटारा करे। मगर हिमाचल प्रदेश के कई स्कूल व कॉलेज ऐसा करने में विफल साबित हो रहे हैं।

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