हमीरपुर। हिमाचल प्रदेश में चयन आयोग हमीरपुर में बहुचर्चित पेपर लीक मामले की मुख्य आरोपी उमा आजाद ने आत्महत्या करने की कोशिश की है। उमा आजाद ने कथित तौर पर विजिलेंस कार्यालय हमीरपुर में डिप्रेशन की गोलियों का सेवन कर लिया।
दरअसल, आरोपी उमा आजाद को पेपर लीक मामले में दर्ज 14वीं FIR में पूछताछ के लिए बुलाया गया था। उससे महिला कांस्टेबल की मौजूदगी में पूछताछ की जानी थी। मगर इससे पहले ही उसने गोलियों का सेवन कर लिया।
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क्या है पूरा मामला?
आपको बता दें कि पेपर लीक मामले में दर्ज अब तक ही सभी FIR में उमा आजाद नामजद है। पेपर लीक मामला सामने आने के बाद से भंग किए गए हिमाचल प्रदेश चयन आयोग हमीरपुर की महिला कर्मचारी उमा आजाद जांच के दौरान जमानत मिलने पर उमा रिहा है। हालांकि, अलग-अलग पोस्ट कोड में दर्ज FIR में कानूनी प्रावधानों के तहत उसे पूछताछ के लिए बुलाया जाता है।
क्यों बुलाया था विजिलेंस कार्यालय?
बीते कल भी उमा आजाद को पोस्ट कोड 822 जूनियर स्टोरकीपर भर्ती परीक्षा में दर्ज FIR के चलते पूछताछ के लिए विजिलेंस कार्यालय में बुलाया गया था। इस दौरान उसका बेटा भी उसके साथ मौजूद था। उमा आजाद ने विजिलेंस कार्यालय परिसर में ही डिप्रेशन की कई गोलियां एक साथ खा ली। जिससे उसकी तबीयत बिगड़ गई और इसके चलते उसे उपचार के लिए मेडिकल कॉलेज हमीरपुर लाया गया है।
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क्यों किया आत्महत्या की प्रयास?
उमा आजाद का कहना है कि वह इस जांच से तंग आ चुकी है और अब वह जीना नहीं चाहती है। इसी सब से तंग आकर उसने आत्महत्या करने की कोशिश की थी।
कार्रवाई करने की शिकायत दर्ज?
वहीं, SP विजिलेंस कुलभूषण वर्मा ने बताया कि इस बारे में सदर थाना पुलिस हमीरपुरको शिकायत दे दी गई है। उन्होंने कहा कि उमा को महिला कांस्टेबल की मौजूदगी में पूछताछ के लिए बुलाया गया था। उसने ऐसा कदम जांच को प्रभावित करने के लिए उठाया है। ऐसे में उसके खिलाफ BNS के प्रावधानों के तहत कार्रवाई करने की शिकायत दर्ज करवाई गई है।
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क्या है पेपर लीक मामला?
गौरतलब है कि 23 दिसंबर 2022 को परीक्षा से दो दिन पहले ही जूनियार ऑफिस अस्टिेंट पोस्ट कोड 965 का पेपर लीक हो गया था। इस मामले में कर्मचारी चयन आयोग कार्यालय की गोपनीय ब्रांच में तैनात वरिष्ठ सहायक उमा आजाद को मुख्य आरोपी बनाया गया था।
भंग हुआ कर्मचारी चयन आयोग
इसके अलावा मामले में उमा आजाद के बेटे निखिल आजाद, निखिल के दोस्त संजय, नीरज और पेपर खरीदने वाले एक युवक और युवती को आरोपी बनाया गया है। जांच में पता चला कि उमा अन्य कई पेपर लीक मामलों में भी संलिप्त है। जांच में चयन आयोग हमीरपुर के HPSSC के सचिव को भी अरेस्ट किया गया था। पेपर लीक मामलों के चलते सुक्खू सरकार ने 21 फरवरी, 2023 में कर्मचारी चयन आयोग भंग कर दिया था।