सोलन/आगरा। आगरा की एक फैक्ट्री में एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स ने 22 अक्टूबर को नकली दवाएं बनाने वाले नेटवर्क का भंडाफोड़ किया था। इस मामले में नई परतें खुल रही हैं। हिमाचल प्रदेश के सोलन जिला के बद्दी से खरीदी गई करोड़ों की 16 मशीनों से इस फैक्ट्री में नकली दवाएं बनाई जा रही थीं। बड़ी बात यह है कि इस फैक्ट्री का संचालन टॉफी बनाने के नाम पर किया जा रहा था।
कहां है यह फैक्ट्री
यह फैक्ट्री आगरा के सिकंदरा थाने से करीब चार किलोमीटर और इंडस्ट्रियल एरिया पुलिस चौकी से एक किलोमीटर दूरी पर है। इस फैक्ट्री के आसपास ना तो घर हैं और ना ही दुकानें। इस फैक्ट्री में तैयार की जा रही नकली दवाओं को देश के चार बड़े राज्यों में सप्लाई किया जाता था। इस फैक्ट्री में एलर्जीए पेट दर्दए डायबिटिजए कैंसर और एंटीबायोटिक की नकली दवाएं तैयार की जाती थीं।
यह भी पढ़ें: हिमाचल : नदी में बहती हुई मिली महिला की देह, लोगों के उड़े होश
फैक्ट्री में सिर्फ रात को होता था काम
एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स की जांच में पता चला कि इस फैक्ट्री में सिर्फ रात को 10 बजे से सुबह छह बजे तक नकली दवाओं को बनाने का काम चलता था। फैक्ट्री के अंदर काम करने वाले लोगों को खाना इत्यदी भी अंदर ही दिया जाता था। वहीं कामगारों को फैक्ट्री में बनने वाले सामान की बाहर किसी को जानकारी नहीं देने की हिदायत दी गई थी।
यह भी पढ़ें: हिमाचल : बचपन में खोई आखों की रोशनी, नहीं मानी हार, NET किया क्वालीफाई
4 माह में बाजार में खपा दीं 80 करोड़ की नकली दवाएं
बता दें कि 22 अक्तूबर आगरा में एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स ने 8 करोड़ की नकली दवाएं पकड़ीं थी। इन दवाओं को बनाने वाला दवा माफिया करीब आठ माह पहले ही जमानत पर छूट कर बाहर आया था। दवा माफिया विजय गोयल ने चार माह में ही 80 करोड़ रुपए की एलर्जी, पेट दर्द, डायबिटिज, कैंसर, एंटीबायोटिक और नशे की महंगी नकली दवाएं बाजार में खपा दीं। इन नकली दवाओं इन दवाओं की सप्लाई दिल्ली, राजस्थान, पंजाब, मध्य प्रदेश तक होती थी।
यह भी पढ़ें: हिमाचल : जिस फौजी दोस्त को रेलवे छोड़ने आया था गौरव, उसी की सामने तोड़ा दम
हिमाचल से लाई गई थी 16 मशीनें
दवा माफिया विजय गोयल ने दवा फैक्ट्री में पूरा सेटअप तैयार किया था। नकली दवाएं बनाने के लिए विजय ने हिमाचल के सोलन जिला के बद्दी से 3 करोड़ में 16 मशीने लगाई मंगवाई थी। जिन मशीनों के लिए लाइसेंस की जरूरत होती है, उन मशीनों को विजय ने दोगुनी कीमत देकर हिमाचल प्रदेश से खरीदा था।
टॉफी बनाने के नाम पर चलाई जा रही थी फैक्ट्री
वहीं स्थानीय लोगों की मानें तो उन्होंने सुना था कि इस फैक्ट्री में टॉफी और उसका पैकिंग पेपर तैयार किया जाता था। इस फैक्ट्री में केवल रात को ही काम चलता था। दिन में यह फैक्ट्री बंद रहती थी। जिस बिल्डिंग में नकली दवाएं बनाई जा रही थी। वहां बिजली का कनेक्शन के साथ साथ जनरेटर भी रखा हुआ था।
जुलाई 2023 में सात साथियों सहित पकड़ा था विजय गोयल
आइकॉन सिटी मघटई के विजय गोयल के खिलाफ एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स ने इससे पहले जुलाई 2023 में बड़ी कार्रवाई की थी। उस दौरान भी सिकंदरा और बिचपुरी क्षेत्र में नकली.नशीली दवाओं की फैक्ट्रियां पकड़ी थीं। इस मामले में विजय गोयल, नरेंद्र शर्मा सहित सात लोगों को सलाखों के पीछे भेजा गया था। फरवरी 2024 में विजय गोयल जेल से जमानत पर रिहा हुआ था।
जेल से रिहा होते ही फिर से शुरू कर दिया नकली दवाएं बनाने का काम
जेल से रिहा होने के 4 महीने बाद विजय गोयल और नरेंद्र शर्मा ने सिकंदरा औद्योगिक क्षेत्र में जोनल पार्क रोड पर दोबारा फैक्ट्री खोली। यह जगह उसने 30 हजार रुपए महीने किराए पर ली थी। हिमाचल प्रदेश से मशीनें और कच्चा माल मंगवाकर वह यहां भी नशीली और नकली दवाएं बनाने का काम शुरू कर दिया था।