कांगड़ा। हिमाचल प्रदेश के कांगड़ा जिले से एक सनसनीखेज मामला सामने आया है। यहां नगरोटा सूरियां की पंचायत जरोट के पास पौंग झील में शव बरामद हुआ है। मृतक की पहचान 37 वर्षीय संकल्प सेन के रूप में हुई है- जो कि बासा का रहने वाला था।
दो बेटियों के सिर से उठा पिता का साया
बताया जा रहा है कि संकल्प पंचायत में जलवाहक की नौकरी था। संकल्प सेन अपने पीछे मां, पत्नी और दो बेटियों को छोड़ गया है। संकल्प की मौत के बाद से परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है।
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पिछले तीन दिन से लापता था जलवाहक
जानकारी के अनुसार, संकल्प बीती 5 सितंबर से लापता था और अब बीते कल उसका शव झील में तैरता हुआ मिला है। परिजनों ने बताया कि संकल्प 5 सितंबर को किसी काम से जरोट जाने की बात कह कर घर से निकला था। मगर देर रात तक भी वे घर नहीं लौटा।
बेटे को ढूंढती रही बूढ़ी मां
इसी के चलते परिजनों ने उसे ढूंढना शुरू कर दिया। परिजनों ने फोन के माध्यम से रिश्तेदारों और अन्य जान-पहचान के लोगों के यहां उसकी तलाश की, लेकिन उसका कहीं कुछ नहीं पता चल पाया। इसके बाद सुबह होते ही संकल्प की मां ने नगरोटा सूरियां पुलिस चौकी में बेटे की गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज करवाई।
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मछुआरों को पौंग झील में तैरता मिला शव
वहीं, बीते कल मछली पकड़ने गए मछुआरों को झील में एक शव तैरता हुआ दिखाई दिया। उन्होंने तुरंत इस बात की सूचना पुलिस को दी। पुलिस ने संकल्प की मां को भी मौके पर शव की पहचान करने के लिए बुलाया तो संकल्प की मां ने शव कि शिनाख्त की।
नहीं पता चला मौत का कारण
इसके बाद पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए नूरपुर अस्पताल भेज दिया। मामले की पुष्टि करते हुए नूरपुर जिला पुलिस के ASP धर्मचंद वर्मा ने बताया कि अभी तक संकल्प की मौत के कारणों का पता नहीं चल पाया है। फिलहाल, पुलिस टीम द्वारा मामले की जांच की जा रही है।