#अपराध
June 18, 2026
हिमाचली की चंडीगढ़ में ह*त्या- जम्मू से धरे 2 आरोपी, भागने की फिराक में थे; किया एनकाउंटर
आरोपियों ने ड्यूटी पर तैनात पुलिसकर्मियों के साथ हाथापाई भी की
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शिमला। चंडीगढ़ के चर्चित हिमाचल प्रदेश के रहने वाले जानकी दास हत्याकांड में एक और नाटकीय घटनाक्रम सामने आया। जम्मू-कश्मीर से गिरफ्तार कर चंडीगढ़ लाए जा रहे दो आरोपियों ने रास्ते में पुलिस हिरासत से भागने का प्रयास किया। इस दौरान हालात ऐसे बने कि पुलिस को जवाबी कार्रवाई करनी पड़ी, जिसमें दोनों आरोपियों के पैरों में गोली लग गई।
पुलिस के अनुसार, क्राइम ब्रांच की टीम जम्मू-कश्मीर पुलिस के सहयोग से गिरफ्तार किए गए आरोपी सनी और आर्यन को चंडीगढ़ लेकर आ रही थी। धनास क्षेत्र के पास पहुंचने पर पुलिस का वाहन दुर्घटनाग्रस्त हो गया।
शुरुआती जानकारी के मुताबिक चालक को झपकी आने के कारण गाड़ी एक पेड़ से टकरा गई। इसी बीच दोनों आरोपियों ने मौके का फायदा उठाते हुए भागने की कोशिश की।
पुलिस का दावा है कि फरार होने के प्रयास के दौरान आरोपियों ने ड्यूटी पर तैनात पुलिसकर्मियों के साथ हाथापाई की। इस दौरान एक कांस्टेबल से हथियार छीनकर फायरिंग भी की गई। एक आरोपी द्वारा इंस्पेक्टर पर भी गोली चलाने की बात सामने आई है, हालांकि वह सुरक्षित बच गए।
इसके बाद पुलिस ने दोनों को रोकने के लिए उनके पैरों पर गोली चलाई और उन्हें दोबारा हिरासत में ले लिया। बता दें कि दोनों आरोपियों को पीजीआई चंडीगढ़ में दाखिल किया गया है और दोनों की स्थिति स्थिर बताई जा रही है।
एक दिन पहले ही चंडीगढ़ पुलिस की ऑपरेशन सेल ने जम्मू-कश्मीर पुलिस के साथ संयुक्त अभियान चलाकर दोनों आरोपियों को राजौरी क्षेत्र से गिरफ्तार किया था। पुलिस को आशंका थी कि आरोपी जंगलों में छिपे हुए हैं। मामले में शामिल तीसरा आरोपी अभी भी फरार है और उसकी तलाश जारी है।
बीते शनिवार को चंडीगढ़ के सेक्टर-11 स्थित कुमार मेडिकल स्टोर के कैशियर जानकी दास की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। हमलावरों ने उन पर ताबड़तोड़ फायरिंग की थी। वारदात में करीब 11 गोलियां चलाई गई थीं। जानकी दास मूल रूप से हिमाचल प्रदेश के शिमला जिले के रोहड़ू क्षेत्र के रहने वाले थे और पिछले करीब 24 वर्षों से चंडीगढ़ में कार्यरत थे।
जांच में सामने आया है कि घटना को अंजाम देने के बाद तीनों आरोपी मौके से फरार हो गए थे। उन्होंने रास्ते में अपने कपड़े बदले और सार्वजनिक परिवहन का इस्तेमाल करते हुए पहले दिल्ली और फिर जम्मू-कश्मीर पहुंच गए।
पुलिस को शक है कि फरार तीसरे आरोपी ने ही जानकी दास पर गोलियां चलाई थीं। उसके ट्राईसिटी क्षेत्र से जुड़े कुछ लिंक भी खंगाले जा रहे हैं। फिलहाल पुलिस पूरे मामले की विभिन्न पहलुओं से जांच कर रही है और फरार आरोपी की तलाश में लगातार छापेमारी की जा रही है।