#अपराध
July 25, 2026
हिमाचल : डिफेंस सप्लाई के नाम पर पेट्रोल पंप संचालक से लाखों की ठगी, जम्मू के ट्रांसपोर्टर समेत 3 पर FIR
ट्रांसपोर्टर ने खुद को बताया डिफेंस सप्लाई से जुड़ा
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ऊना। हिमाचल प्रदेश के जिला ऊना से धोखाधड़ी का एक हैरान कर देने वाला मामला सामने आया है। यहां एक जम्मू के ट्रांसपोर्टर ने डिफेंस सप्लाई के काम का हवाला देकर पेट्रोल पंप संचालक से कई महीनों तक लाखों रुपये का डीजल उधार लिया। लेकिन जब उसने पैसे मांगे तो पैसे लौटाने के बजाय टालमटोल शुरू कर दी।
पुलिस को दी शिकायत के अनुसार, वर्ष 2025 के दौरान जम्मू के एक व्यक्ति ने ऊना के पेट्रोल पंप संचालक से संपर्क किया था। आरोपी ने खुद को एक प्रतिष्ठित ट्रांसपोर्टर बताया और कहा कि उसके कई टैंकर डिफेंस सप्लाई से जुड़े परिवहन कार्य में इस्तेमाल किए जा रहे हैं।
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आरोपी ने पंप संचालक से कहा कि उसके टैंकरों में नियमित रूप से डीजल भरवाना होता है। इसके लिए उसने कुछ समय के लिए उधार पर डीजल देने का आग्रह किया। ट्रांसपोर्टर ने पंप संचालक को भरोसा दिलाया कि उसे आईओसीएल और रक्षा प्रतिष्ठानों से भुगतान मिलना है और भुगतान प्राप्त होते ही डीजल के सभी बिलों की रकम चुका दी जाएगी।
ट्रांसपोर्टर की बातों और उसके द्वारा दिए गए भरोसे पर विश्वास करते हुए पेट्रोल पंप संचालक ने उसके टैंकरों में उधार पर डीजल देना शुरू कर दिया। शिकायत के अनुसार, मई, जून और जुलाई 2025 के दौरान आरोपी के टैंकरों में लगातार डीजल भरवाया गया।
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तीन महीने के दौरान उधार में लिए गए डीजल का बिल धीरे-धीरे बढ़कर करीब 16.70 लाख रुपये हो गया। पंप संचालक को उम्मीद थी कि ट्रांसपोर्टर अपने वादे के अनुसार समय पर पूरी रकम का भुगतान कर देगा।
जब डीजल की उधारी काफी बढ़ गई तो पेट्रोल पंप संचालक ने ट्रांसपोर्टर से अपनी रकम वापस मांगी। आरोप है कि इसके बाद ट्रांसपोर्टर ने भुगतान करने के बजाय टालमटोल शुरू कर दी।
कभी जल्द भुगतान करने का भरोसा दिया गया तो कभी आईओसीएल और रक्षा प्रतिष्ठानों से भुगतान नहीं मिलने की बात कही गई। पंप संचालक के अनुसार, कई महीनों तक उसे अलग-अलग बहाने बनाकर पैसे देने से टाला जाता रहा।
काफी समय बीत जाने के बाद भी जब 16.70 लाख रुपये की रकम वापस नहीं मिली तो पंप संचालक को अपने साथ धोखाधड़ी होने का शक हुआ। इसके बाद उसने पूरे मामले की शिकायत पुलिस से की।
पेट्रोल पंप संचालक ने अपनी शिकायत में केवल ट्रांसपोर्टर को ही आरोपी नहीं बनाया है, बल्कि उसके मैनेजर और अकाउंटेंट पर भी इस कथित धोखाधड़ी में शामिल होने का आरोप लगाया है।
शिकायतकर्ता का आरोप है कि आरोपियों ने आपस में मिलकर उसे भरोसे में लिया और डिफेंस सप्लाई से जुड़े काम का हवाला देकर उधार में बड़ी मात्रा में डीजल लिया। इसके बाद भुगतान करने के बजाय उसे लगातार टालते रहे।
मामले की पुष्टि करते हुए asp ऊना संजीव भाटिया ने बताया कि पेट्रोल पंप संचालक की शिकायत के आधार पर तीनों आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है। पुलिस मामले की गहनता से जांच कर रही है।
जांच के दौरान पुलिस लेन-देन से जुड़े दस्तावेज, डीजल सप्लाई के रिकॉर्ड, बिल और अन्य संबंधित कागजात खंगाल सकती है। इसके अलावा आरोपियों से पूछताछ कर पूरे मामले की सच्चाई सामने लाने का प्रयास किया जाएगा।