#अपराध
June 13, 2025
हिमाचल: मासूम बच्ची का अपहरण कर की नीचता, किशोरी से युवक ने कई बार किया मुंह काला
पुलिस ने मामला दर्ज कर दोनों आरोपियों की शुरू की तलाश
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शिमला। देवभूमि कहे जाने वाले हिमाचल में आए दिन लड़कियों और महिलाओं के साथ दुष्कर्म के मामले सामने आ रहे हैं। राजधानी शिमला भी इन मामलों से अछूती नहीं है। पहाड़ों की रानी कहे जाने वाले शिमला जिला में आज दो मासूम लड़कियों के साथ दुष्कर्म की घटनाएं सामने आई हैं। इन दोनों घटनाओं से पूरे क्षेत्र में चिंता की लहर दौड़ गई है। बाल सुरक्षा और महिला सशक्तिकरण के दावों के बीच ऐसी घटनाएं न केवल समाज को झकझोरती हैं, बल्कि कानून व्यवस्था पर भी सवाल उठाती हैं।
पहला मामला शिमला जिला के बालूगंज पुलिस थाना से सामने आया है। यहां एक नाबालिग बच्ची का अपहरण करने के बाद उसके साथ दुष्कर्म किया गया है। पीड़ित बच्ची के परिजनों की शिकायत पर पुलिस ने मामला दर्ज कर आगामी जांच शुरू कर दी है। पुलिस ने इस मामले को भारत न्याय संहिता (BNS) की धारा 137(2), 64 तथा पॉक्सो एक्ट की धारा 4 के तहत दर्ज किया है। मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच को पूरी तरह गोपनीय रखा गया है।
इसी तरह से दूसरी घटना महिला थाना बीसीएस के तहत दर्ज हुई है। यहां एक नाबालिग लड़की के साथ यूपी के रहने वाले युवक ने कई बार दुष्कर्म किया है। पीड़िता की मां ने पुलिस थाना में शिकायत दर्ज करवाते हुए आरोप लगाया है कि यूपी का रहने वाले एक युवक ने उनकी नाबालिग बेटी के साथ कई बार दुष्कर्म किया है। पीड़िता की मां द्वारा दी गई शिकायत के आधार पर पुलिस ने कार्रवाई करते हुए बीएनएस की धारा 64(2)(एम), 65(1) और पोक्सो एक्ट की धारा 6 के तहत मामला दर्ज कर लिया है। पुलिस पीड़िता का मेडिकल करवा रही है।
इन घटनाओं ने एक बार फिर इस बात पर प्रकाश डाला है कि हिमाचल प्रदेश जैसे शांत माने जाने वाले राज्य में भी बाल यौन अपराधों में लगातार वृद्धि हो रही है। विशेषज्ञों का मानना है कि इन मामलों में त्वरित न्याय, कड़ी सजा और जनजागरूकता अभियान ही इस बढ़ती विकृति पर अंकुश लगा सकते हैं। प्रदेश में लगातार सामने आ रहे ऐसे मामलों को देखते हुए यह ज़रूरी हो गया है कि समाज, प्रशासन और परिवार तीनों स्तरों पर सतर्कता और जिम्मेदारी सुनिश्चित की जाए ताकि बच्चों की सुरक्षा को प्राथमिकता दी जा सके।