#अपराध
August 17, 2026
हिमाचल : लड़की को बॉयफ्रेंड ने दिया धोखा, सोशल मीडिया पर डाली प्राइवेट वीडियो- पुहंचा जेल
तकनीकी साक्ष्यों से आरोपी तक पहुंची पुलिस
शेयर करें:

शिमला। हिमाचल प्रदेश में एक युवती को कथित तौर पर उसके बॉयफ्रेंड ने धोखा दिया और निजी वीडियो सोशल मीडिया पर प्रसारित करने का मामला सामने आया है। शिकायत के बाद पुलिस ने साइबर तकनीक और डिजिटल साक्ष्यों के आधार पर कार्रवाई करते हुए आरोपी युवक को गिरफ्तार कर लिया। आरोप है कि युवक ने युवती की निजी वीडियो बिना अनुमति रिकॉर्ड की और उसे ब्लैकमेल करने लगा।
जानकारी के अनुसार, मामले की शिकायत 20 वर्षीय युवती ने 12 जुलाई 2026 को महिला पुलिस थाना बीसीएस शिमला में दर्ज करवाई थी। शिकायत में युवती ने आरोप लगाया कि उसके निजी वीडियो की उसकी अनुमति के बिना स्क्रीन रिकॉर्डिंग की गई।
आरोप है कि इसके बाद रिकॉर्ड किए गए वीडियो को सार्वजनिक करने की धमकी देकर युवती को ब्लैकमेल किया गया। शिकायत के मुताबिक आरोपी ने वीडियो को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म और अलग-अलग वेबसाइटों पर प्रसारित करने की धमकी भी दी। ऐसे मामलों में निजी सामग्री के सार्वजनिक होने का डर पीड़ित व्यक्ति पर मानसिक और सामाजिक दबाव पैदा कर सकता है। पुलिस ने इसी शिकायत को आधार बनाकर मामले की जांच शुरू की।
मामला दर्ज होने के बाद शिमला पुलिस ने जांच को आगे बढ़ाते हुए तकनीकी साक्ष्यों का सहारा लिया। पुलिस टीम ने उपलब्ध डिजिटल जानकारी और अन्य साक्ष्यों के आधार पर संदिग्ध की पहचान करने का प्रयास किया। जांच के दौरान पुलिस को आरोपी की पहचान 21 वर्षीय अंकुश चौहान, निवासी सिरमौर के रूप में हुई।
इसके बाद पुलिस टीम ने कार्रवाई करते हुए उसे गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने आरोपी के कब्जे से मोबाइल फोन भी बरामद किया है। अब इस डिवाइस की तकनीकी जांच की जा रही है, ताकि यह पता लगाया जा सके कि कथित वीडियो किस तरह रिकॉर्ड किया गया, उसे कहां स्टोर किया गया और क्या उसे किसी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म या वेबसाइट पर साझा करने का प्रयास किया गया था।
पुलिस अब मामले के डिजिटल पहलुओं को खंगाल रही है। जांच में यह पता लगाने की कोशिश की जाएगी कि आरोपी और शिकायतकर्ता के बीच किस माध्यम से संपर्क हुआ था और कथित ब्लैकमेलिंग के लिए किस तरह की डिजिटल सामग्री का इस्तेमाल किया गया। मोबाइल फोन से मिलने वाले डेटा के आधार पर पुलिस यह भी जांच सकती है कि निजी वीडियो को किसी अन्य व्यक्ति तक भेजा गया था या नहीं। यदि जांच में किसी अन्य व्यक्ति की भूमिका सामने आती है तो उसके आधार पर आगे की कार्रवाई की जा सकती है।
शिमला पुलिस ने कहा है कि महिलाओं से संबंधित अपराधों में पीड़िता की पहचान और निजता की सुरक्षा को प्राथमिकता दी जा रही है। साइबर माध्यम से किसी व्यक्ति की निजी जानकारी या सामग्री का दुरुपयोग करने वाले मामलों में डिजिटल साक्ष्यों के आधार पर कार्रवाई की जा रही है। पुलिस की ओर से लोगों को भी सलाह दी जाती है कि निजी तस्वीरों या वीडियो को अनजान लोगों के साथ साझा करने से बचें और यदि कोई व्यक्ति निजी सामग्री सार्वजनिक करने की धमकी देकर दबाव बनाता है तो घबराने के बजाय तत्काल पुलिस या साइबर अपराध से संबंधित प्राधिकरण को इसकी सूचना दें।