#अपराध
August 10, 2025
हिमाचल पुलिस ने 24 घंटे में खोज निकाले BCS के लापता तीनों छात्र, अपहरणकर्ता गिरफ्तार
एक लापता छात्र की मां को फिरौती के लिए किया था कॉल
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शिमला। हिमाचल की राजधानी शिमला के प्रतिष्ठित बिशन कॉटन बोर्डिंग स्कूल के तीन छात्र संदिग्ध परिस्थितियों में लापता हो गए थे। स्कूल के काफी छात्र शनिवार को शिमला शहर घूमने निकले थे, लेकिन शाम को तीन छात्र हॉस्टल नहीं पहुंचे। स्कूल प्रबंधन को जब इसकी खबर लगी तो शिमला पुलिस से संपर्क साधा गया। शिमला पुलिस ने भी त्वरित कार्रवाई करते हुए बच्चों की तलाश शुरू की। आज रविवार को पुलिस ने तीनों बच्चों को सुरक्षित बरामद कर लिया है।
पुलिस ने 24 घंटों के अंदर ही बच्चों को ढूंढ लिया है। आज रविवार को पुलिस ने इन बच्चांे को शिमला के कोटखाई के चैथला से बरामद किया। इसके अलावा पुलिस ने एक अपहरणकर्ता को भी गिरफ्तार किया है। इस अपहरणकर्ता ने ही एक बच्चे की मां को फिरौती के लिए फोन किया था। अपहरणकर्ता तीनों बच्चों को एक गाड़ी में डाल कर चैथला ले गया था। इस गाड़ी पर फर्जी नंबर प्लेट लगाई गई थी।
गिरफ्तार आरोपी की पहचान सुमित सूद के तौर पर हुई, जो शिमला के लोअर बाजार का रहने वाला है। उसके खिलाफ केस दर्ज कर पुलिस पूछताछ कर रही है। वहीं बच्चों का मेडिकल किया जा रहा है। आरोपी ने बच्चों के परिजनों को कॉल कर फिरौती मांगी थी। हालांकि उसने अभी तक कितने पैसे लेने हैं, यह नहीं बताया था। उससे पहले ही पुलिस ने उसे दबोच लिया।
बताया जा रहा है कि इन तीनों छात्रों का फिरौती के लिए अपहरण किया गया था। पुलिस ने अपहरणकर्ता को भी गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस ने तीनों बच्चों को ऊपरी शिमला के कोटगढ़ उपमंडल के चैथला इलाके से सुरक्षित बरामद कर लिया। इस मामले में पुलिस ने एक व्यक्ति को गिरफ्तार किया है, जो बच्चों को लेकर वहां तक पहुंचा था।
जांच में यह चौंकाने वाला तथ्य सामने आया है कि लापता छात्रों में से एक छात्र की मां, जो हरियाणा के करनाल की निवासी हैं, को बीते रोज ही अपहरणकर्ताओं ने फोन कर फिरौती की मांग की थी। पुलिस का मानना है कि आरोपी बच्चों के परिजनों से बड़ी रकम ऐंठने की योजना बना रहा था।
शिमला जिला के पुलिस अधीक्षक संजीव गांधी ने बताया कि बच्चों की सुरक्षित वापसी पुलिस की पहली प्राथमिकता थी। हमने तुरंत सर्च ऑपरेशन शुरू किया और तकनीकी निगरानी के साथ.साथ जमीनी स्तर पर टीमों को लगाया। आखिरकार बच्चों को चैथला से सुरक्षित बरामद कर लिया गया। सभी बच्चे अब पूरी तरह सुरक्षित हैं। तीनों बच्चों से स्वयं बात करने के बाद उन्हें परिजनों को सौंपने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।
गिरफ्तार आरोपी से अब पुलिस गहन पूछताछ कर रही है, ताकि अपहरण के पीछे की असली मंशा, संभावित सहयोगियों और घटनाक्रम की पूरी श्रृंखला का पता लगाया जा सके। पुलिस का कहना है कि यह मामला शिमला में सुरक्षा व्यवस्था के दृष्टिकोण से एक बड़ा अलर्ट है और जांच पूरी होने के बाद विस्तृत रिपोर्ट जारी की जाएगी।
करनाल पुलिस को सौंपी शिकायत में लापता छठी कक्षा के छात्र अंगद की मां दीप्ति लाठर ने बताया कि बीते रोज उन्हें एक अनजान नंबर से फोन आया था। जिसमें फोन करने वाले ने कहा कि तुम्हारा बेटा हमारे पास गन प्वाइंट पर है। फिरौती की रकम तैयार रखना। रकम कितनी और कब कहां देनी है, यह बात में बताएंगे। उन्होंने यह भी धमकी दी कि अगर इस बारे में किसी तो कुछ भी बताया तो यह बच्चे के लिए ठीक नहीं होगा। इस फोन के बाद दीप्टि लाठर ने करनाल पुलिस को मामले की सूचना दी।
करनाल पुलिस ने मामला दर्ज कर तुरंत ही शिमला पुलिस से संपर्क साधा। इस दौरान अंगद के परिजन भी शिमला पहुंच गए हैं। हालांकि पुलिस बीते रोज ही लापता छात्रों की तलाश में जुटी हुई है, लेकिन अभी तक उनका कोई सुराग नहीं लगा है। लापता छात्र अंगद के चाचा पप्पू लाठर ने शिमला पुलिस मामले की जांच कर रही है। उन्होंने बताया कि उनका भतीजा पिछले तीन साल से इस स्कूल में पढ़ रहा है।
मिली जानकारी के अनुसार, बीते कल वीकेंड के मौके पर स्कूल के कुछ बच्चे शिमला शहर में घूमने आए थे। शाम के समय बाकी छात्र स्कूल के हॉस्टल लौट आए। मगर तीन छात्र स्कूल वापस नहीं लौटे।
यह बात जब स्कूल प्रशासन को पता चली तो मौके पर हड़कंप मच गया। स्कूल प्रशासन ने तुरंत इस बाबत पुलिस को सूचित किया। सूचना मिलते ही पुलिस टीम ने आनन-फानन में बच्चों की तलाश शुरू कर दी। कल शाम से लेकर अभी तक तीनों स्टूडेंट्स का कोई सुराग नहीं मिल पाया है।