#अपराध
October 19, 2026
हिमाचल : नशा तस्करों को पकड़ने आई पुलिस पर भीड़ ने किया हम*ला, पंचायत प्रधान पर केस
NDPS एक्ट के तहत दर्ज किया मामला
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कुल्लू। हिमाचल प्रदेश में नशा तस्करों के हौसले लगातार बुलंद होते जा रहे हैं। पुलिस पर हमले की एक और घटना सामने आई है। इस बार जिला कुल्लू में चरस तस्करी के आरोपी को बचाने के लिए 30 से 40 लोगों ने पुलिस पर हमला कर दिया।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, मामला जिला कुल्लू के लगवैली के जकरेहड़ से सामने आया है। यहां पुलिस को गुप्त सूचना मिली थी कि दो लोग पैदल चरस लेकर कुल्लू की ओर आ रहे हैं। इसके बाद पुलिस टीम मौके पर पहुंची। पुलिस को देखकर दोनों आरोपी भागने लगे, लेकिन पुलिस ने उन्हें पकड़ लिया। बैग की तलाशी लेने पर पीले रंग के कैरी बैग में काले रंग का चरस जैसा पदार्थ मिला। पुलिस के मुताबिक, इसी दौरान पंचायत प्रधान, उनके पति और उपप्रधान भी मौके पर पहुंच गए।
इसके बाद एक व्यक्ति ने फोन किया, जिसके कुछ देर बाद वहां करीब 30 से 40 लोग इकट्ठा हो गए। आरोप है कि भीड़ ने पुलिस टीम और मौके पर मौजूद गवाह के साथ धक्का-मुक्की की और पकड़े गए आरोपियों, उनके बैग और चरस को जबरन अपने साथ ले गई।
छीनाझपटी के दौरान कुछ चरस सड़क पर गिर गई थी, जिसे पुलिस ने अपने कब्जे में ले लिया। पुलिस के मुताबिक, मौके से 508 ग्राम चरस बरामद की गई है। इस मामले में NDPS एक्ट की धारा 20 और 29 के साथ भारतीय न्याय संहिता की विभिन्न धाराओं के तहत महिला प्रधान समेत कई अज्ञात लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है। पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है।
हिमाचल प्रदेश में नशे के खिलाफ चल रही कार्रवाई के दौरान पिछले तीन वर्षों में NDPS एक्ट के तहत 5,642 मामले दर्ज किए गए हैं। इस दौरान 8,250 से ज्यादा लोगों को गिरफ्तार किया गया। कार्रवाई के दायरे में 139 सरकारी कर्मचारी भी आए। इनमें राज्य सरकार के 15 कर्मचारी और पुलिस विभाग के 22 कर्मियों को नौकरी से बर्खास्त किए जाने की जानकारी दी गई है।
नशे की तस्करी रोकने के लिए पुलिस और दूसरी एजेंसियां लगातार कार्रवाई कर रही हैं। बार-बार नशा तस्करी में पकड़े जाने वाले लोगों, तस्करी के बड़े नेटवर्क और संदिग्ध पैसों के लेन-देन पर खास नजर रखी जा रही है। इसके साथ ही पंचायत स्तर पर भी नशा तस्करी से जुड़े संदिग्ध लोगों की पहचान करने और स्थानीय निगरानी मजबूत करने की कोशिश की जा रही है।
जानकारी के अनुसार, पीआईटी-NDPS कानून के तहत दिसंबर 2025 तक हिमाचल में 46 बड़े नशा तस्करों को हिरासत में लिया गया था। इसके अलावा नशे की अवैध कमाई से जुड़ी करीब 46 करोड़ रुपये की संपत्तियां जब्त की गई थीं। इन कदमों का मकसद नशे के कारोबार पर रोक लगाना और इसकी सप्लाई करने वाले नेटवर्क को तोड़ना है।