शिमला। हिमाचल प्रदेश के शिमला जिले में नशे के खिलाफ पुलिस की कार्रवाई तेज हो गई है। हाल ही में कोटखाई क्षेत्र में चिट्टा तस्करी के आरोप में रंजन गैंग के एक मामले में पुलिस ने दो सगी बहनों, महक और सिमरन को गिरफ्तार किया है। प्रारंभिक जांच से पता चला है कि ये दोनों बहनें गिरोह के साथ मिलकर चिट्टे की तस्करी में शामिल थीं। रोहड़ू क्षेत्र की निवासी ये बहनें अब पुलिस की हिरासत में हैं।
तस्करी गिरोह का खुलासा
पुलिस के सूत्रों के अनुसार, गिरोह का यह मामला तब सामने आया जब 13 सितंबर को कोटखाई में 30.640 ग्राम चिट्टे के साथ तीन संदिग्ध व्यक्तियों, रंजन शर्मा, सुमन शाही और कमल आचार्य, को गिरफ्तार किया गया।
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पुलिस ने इस गिरफ्तारी के बाद मामले की गहन जांच शुरू की, जिसमें यह जानकारी मिली कि यह गिरोह काफी समय से क्षेत्र में सक्रिय है। पुलिस ने गिरोह के सदस्यों के बैंक खातों के लेनदेन का भी बारीकी से अध्ययन किया, जिससे यह स्पष्ट हुआ कि गिरोह के सदस्यों के बीच लाखों रुपये का लेनदेन हो रहा था।
गिरफ्तारियों का सिलसिला जारी
अब तक, पुलिस इस मामले में तीन महिलाओं समेत कुल 11 लोगों को गिरफ्तार कर चुकी है। पुलिस का कहना है कि चिट्टा तस्करी का यह नेटवर्क लड़के और लड़कियों दोनों द्वारा संचालित किया जा रहा था। गिरफ्तारियों के बाद, पुलिस ने इस गिरोह के अन्य सदस्यों की धरपकड़ के लिए विशेष अभियान शुरू किया है।
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जांच में हो रहे खुलासे
पुलिस का दावा है कि गिरोह के और भी कई सदस्य सक्रिय हैं और इस संबंध में आगे की जांच जारी रहेगी। एसपी संजीव कुमार गांधी ने कहा कि नशा तस्करों के खिलाफ हमारी कार्रवाई लगातार जारी रहेगी। हम किसी भी स्तर पर नशे के खिलाफ सख्त कदम उठाने के लिए प्रतिबद्ध हैं। यह मामला सामने आने के बाद हिमाचल के तमाम चिट्टा तस्कर बैकफुट पर आ चुके है। वहीं, पुलिस द्वारा चिट्टा तस्करों पर चोट की जा रही है।