#अपराध
February 9, 2026
हिमाचल पुलिस ने नहीं दर्ज की FIR : दंपति को मिला जन सहयोग, बाजार बंद कर जताया रोष
पुलिस की कार्रवाई से व्यापारी असंतुष्ट
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हमीरपुर। हिमाचल प्रदेश के जिला हमीरपुर में पति-पत्नी के साथ हुई मारपीट की घटना ने पूरे इलाके में आक्रोश पैदा कर दिया है। इस मामले को लेकर न सिर्फ आम लोग नाराज हैं, बल्कि स्थानीय व्यापारियों ने भी एकजुट होकर प्रदर्शन करते हुए पीड़ित दंपति के समर्थन में आवाज बुलंद की है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, मामला जिला के हमीरपुर के लदरौर है। बाजार में पति-पत्नी के साथ मारपीट की घटना को लेकर लोगों में भारी रोष देखने को मिल रहा है। पहली फरवरी को हुई इस घटना के विरोध में आज सोमवार को स्थानीय व्यापारियों ने एकजुट होकर प्रदर्शन किया और पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए।
आक्रोश जताते हुए व्यापारियों ने नारेबाजी की और विरोध स्वरूप बाजार बंद रखा। व्यापारियों ने सुबह 10 बजे तक अपनी दुकानें बंद रखीं, जिससे लदरौर बाजार में सन्नाटा पसरा रहा। बाजार बंद रहने से आम लोगों को भी परेशानी का सामना करना पड़ा, लेकिन व्यापारियों का कहना है कि न्याय के लिए यह कदम जरूरी था।
लदरौर बाजार घुमारवीं विधानसभा क्षेत्र की सीमा से सटा हुआ है। यहां सुनील कुमार और उनकी पत्नी मीना कुमारी के साथ मारपीट की गई थी। घटना के बाद पुलिस की कार्रवाई से असंतुष्ट करीब 15 से 18 व्यापारी, निखिल चड्ढा की अध्यक्षता में एकत्र हुए और मामले पर गंभीर चिंता जताई।
व्यापारियों ने साफ शब्दों में कहा कि उनका विरोध किसी व्यक्ति विशेष के खिलाफ नहीं है, बल्कि न्याय की मांग को लेकर है। उन्होंने चेतावनी दी कि अगर दोषियों के खिलाफ जल्द और निष्पक्ष कार्रवाई नहीं की गई, तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा।
बता दें कि बिलासपुर जिले के लदरौर इलाके में 1 फरवरी की शाम एक दंपति के साथ कुछ लोगों ने लाठी-डंडों से जमकर मारपीट की। इस हमले में पति-पत्नी दोनों बुरी तरह घायल हो गए और खून से लथपथ हालत में दिखे। मारपीट का वीडियो भी सामने आया है, जिसमें साफ नजर आ रहा है कि कुछ लोग दोनों को डंडों से पीट रहे हैं।
हैरानी की बात यह है कि घटना को छह दिन बीत जाने के बाद भी पुलिस ने FIR दर्ज नहीं की। आज सातवां दिन है। इस घटना में लदरौर बाजार में रेडीमेड कपड़ों की दुकान चलाने वाले सुनील कुमार और उनकी पत्नी मीना को गंभीर चोटें आई हैं। सुनील का एक दांत टूट गया है और आंख के अंदर की हड्डी में फ्रैक्चर होने की बात कही जा रही है, हालांकि अभी मेडिकल रिपोर्ट आनी बाकी है। उनकी पत्नी मीना भी बुरी तरह घायल हुई हैं।
सुनील कुमार ने पुलिस को दी शिकायत में बताया कि 1 फरवरी को वह अपनी बेटी को हमीरपुर छोड़कर वापस लदरौर आ रहे थे। इसी दौरान विक्की नाम के व्यक्ति का फोन आया और मिलने को कहा। जैसे ही सुनील ने अपनी गाड़ी लदरौर में दुकान के सामने रोकी, तभी विक्की और उसके साथ आए कुछ लोगों ने लाठी-डंडों से उन पर हमला कर दिया।
जब उनकी पत्नी बीच-बचाव करने आई तो उसे भी नहीं बख्शा गया। मारपीट के दौरान सुनील की सोने की चेन और पत्नी का मंगलसूत्र भी गिर गया। सुनील ने विक्की, पवन समेत छह लोगों के खिलाफ शिकायत दी है।
मारपीट के बाद उसी शाम दंपती लहुलुहान हालत में लदरौर पुलिस चौकी पहुंचे। वहां से उन्हें हमीरपुर जिले के भोरंज थाना भेज दिया गया। भोरंज थाना में दंपती ने बहुत विनती करते हुए अपनी शिकायत दी। पुलिस ने उनका मेडिकल तो करवा दिया, लेकिन FIR दर्ज नहीं की।
4 फरवरी को भोरंज पुलिस ने यह कहकर मामला बिलासपुर जिले का बताया और कागजात भराड़ी पुलिस चौकी भेज दिए। हैरानी की बात यह है कि इस दौरान जीरो FIR तक दर्ज नहीं की गई। इसके बाद भराड़ी पुलिस भी तीन दिन तक मेडिकल ओपिनियन का इंतजार करती रही और FIR नहीं की।
शुक्रवार शाम को मारपीट का CCTV फुटेज सामने आया, जिसके बाद पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े हो गए। वीडियो में साफ दिख रहा है कि कुछ लोग डंडों से दंपती को पीट रहे हैं।
भोरंज थाना के SHO का कहना है कि मामला नॉन-कॉग्निजेबल था, इसलिए FIR नहीं की गई और डॉक्टर की राय का इंतजार किया जा रहा था। वहीं, हमीरपुर के SP का कहना है कि मामला बिलासपुर जिले का था और वहां FIR होनी चाहिए थी। अगर देरी हुई है तो संबंधित अधिकारी को जवाब देना होगा।
पीड़ित सुनील कुमार का कहना है कि उन्हें और उनकी पत्नी को बेरहमी से पीटा गया। उनका दांत टूट गया और आंख की हड्डी भी फ्रैक्चर हो गई। उन्होंने आरोप लगाया कि रसूखदार ठेकेदार पवन कुमार और विवेक भाटिया के दबाव में सात दिन से FIR दर्ज नहीं की जा रही है। उनका कहना है कि मेडिकल के नाम पर उन्हें लगातार थानों के चक्कर कटवाए जा रहे हैं।