#अपराध

August 7, 2025

हिमाचल: जवान बेटे की तलाश का ऐसे हुआ दुखद अंत, परिजनों को झील में मिली देह

एक सप्ताह से लापता था 35 वर्षीय शख्स

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govind lake youth

बिलासपुर। हिमाचल प्रदेश के बिलासपुर जिले से एक बार फिर दिल दहला देने वाली खबर सामने आई है। झंडूता उपमंडल की ग्राम पंचायत डाहड़ के गांव बाला निवासी 35 वर्षीय कश्मीर सिंह का शव गोविंद सागर झील से बरामद किया गया है। मृतक बीते एक अगस्त से रहस्यमय परिस्थितियों में लापता था और परिजनों ने उसकी गुमशुदगी की रिपोर्ट पुलिस थाना झंडूता में दर्ज करवाई थी। अब करीब एक सप्ताह बाद उसका शव झील से बरामद हुआ है।

मानसिक परेशानी से जूझ रहा था युवक

प्राप्त जानकारी के अनुसार कश्मीर सिंह पिछले पांच-छह वर्षों से मानसिक रूप से परेशान चल रहा था और उसका नियमित इलाज भी चल रहा था। परिजनों के अनुसार वह अक्सर अकेले रहने का प्रयास करता था और कुछ समय से अत्यधिक तनाव में था। उसकी मानसिक स्थिति को देखते हुए परिजनों ने उसके अचानक लापता हो जाने पर गहरी चिंता जाहिर की थी।

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शव मिलने के बाद पुलिस जांच में जुटी

पुलिस ने शव को गोविंद सागर झील से बरामद कर क्षेत्रीय अस्पताल में पोस्टमार्टम के लिए भेजा। प्रारंभिक जांच में पुलिस को किसी तरह की संदिग्ध गतिविधि के प्रमाण नहीं मिले हैं। फिलहाल पुलिस मामले की जांच कर रही है और पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार किया जा रहा है, जिसके बाद ही मौत के असली कारणों की पुष्टि की जा सकेगी।

परिजनों ने नहीं जताया शक

परिजनों ने कश्मीर सिंह की मौत को लेकर किसी प्रकार का संदेह जाहिर नहीं किया है। डीएसपी बिलासपुर मनीष चौधरी ने भी मामले की पुष्टि करते हुए कहा कि प्रथम दृष्टया मामला आत्महत्या जैसा प्रतीत हो रहा है, लेकिन पुलिस सभी पहलुओं पर जांच कर रही है।

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नदी-नाले उगल रहे हैं शव

गौरतलब है कि हाल के दिनों में हिमाचल प्रदेश के कई इलाकों में नदियों, नालों और झीलों से शवों की बरामदगी की घटनाएं लगातार बढ़ती जा रही हैं। खासकर गोविंद सागर झील अब शव उगलने वाली जगह बनती जा रही है, जहां इस वर्ष यह तीसरी ऐसी घटना है जब किसी व्यक्ति का शव झील से मिला हो। यह घटनाएं प्रदेश में जल स्रोतों के आसपास निगरानी व्यवस्था पर सवाल उठाती हैं।

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प्रशासन को उठाने होंगे ठोस कदम

इस तरह की घटनाओं में लगातार वृद्धि से स्थानीय लोगों में दहशत का माहौल है। जानकारों का मानना है कि राज्य प्रशासन को जलाशयों और नदियों के किनारे निगरानी तंत्र को मजबूत करना चाहिए ताकि इस तरह की घटनाओं को समय रहते रोका जा सके।

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