शिमला। हिमाचल प्रदेश के पूर्व DGP संजय कुंडू, दो सेवानिवृत्त पुलिस अधिकारी, पांच IPS अधिकारियों समेत 10 के खिलाफ FIR दर्ज हुई है। इन सब पर ये FIR एक कांस्टेबल को नौकरी से निकालने से जुड़े मामले में हुई है। शिमला की सदर पुलिस स्टेशन की पुलिस टीम ने ये कार्रवाई IG साउथ रेंज के निर्देश पर की है।
पूर्व DGP समेत 10 के खिलाफ FIR दर्ज
आपको बता दें कि ये FIR नौकरी से बर्खास्त किए गए कांस्टेबल की पत्नी मीना नेगी निवासी किन्नौर की शिकायत के आधार पर दर्ज की गई है। पूर्व DGP और अन्य सेवानिवृत्त और मौजूदा पुलिस अधिकारियों के खिलाफ अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति अधिनियम की धारा 3 (1) (पी), SC/ST एक्ट 1989 के तहत मुकदमा पंजीकृत हुआ है।
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कांस्टेबल को उत्पीड़न करने का आरोप
विदित रहे कि यह मामला पूर्व BJP सरकार के कार्यकाल का है। कांस्टेबल धर्म सुथ नेगी की पत्नी ने इन सभी अधिकारियों पर उसके पति को उत्पीड़न करने का आरोप लगाया था। कांस्टेबल और उसकी पत्नी जनजातीय जिला किन्नौर के मूल निवासी हैं।
भुखमरी की कगार पर पहुंचा परिवार
मीना नेगी का आरोप है कि पूर्व DGP और अन्य पुलिस अधिकारियों ने उसके पति और परिवार को सामाजिक, आर्थिक और मानसिक पीड़ा पहुंचाई है। हालात ऐसे हैं कि उसका परिवार भुखमरी की कगार पर पहुंच गया है।
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बेइज्जत करके नौकरी से निकाला
कांस्टेबल की पत्नी मीना नेगी द्वारा दी गई शिकायत के अनुसार, पुलिस के उच्च अधिकारियों द्वारा अपने उच्च पद का दुरुपयोग करके बदले की भावना से उसके पति धर्म सुख नेगी पर मनगढंत और झूठे आरोप लगाए। फिर विभागीय जांच बिठा कर आठ वर्षों की पुलिस सेवा रहते उन्हें साल 2020 में अगस्त की 9 तारीख को जबरन बेइज्जत करके नौकरी से निकाल दिया।
साल 2020 से रोके रखा है पैसा
मीना नेगी का कहना है कि उसके पति को पुलिस मुख्यालय से आवंटित सरकारी आवास का बिना वर्क आउट के 1,43,424, रुपए का किराया वसूलने के आदेश दिए गए। साथ ही उसका ग्रेच्युटी, DCRG और लाखों रुपयों की सेवानिवृत्ति लांभाश को साल 2020 से अब तक रोके रखा है।
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बार-बार परिवार को किया गया जलील
मीना नेगी का आरोप है कि पुलिस के उच्च अधिकारियों द्वारा उनके परिवार को जलील किया गया है। मीना ने बताया कि कई बार तत्कालीन पुलिस अधिकारियों द्वारा पुलिस उसके पति के सरकारी आवास को खाली कराने के लिए पुलिस आवासीय कॉलोनी भराड़ी और उनके पैतृक गांव सामनी जिला किन्नौर में बार-बार नोटिस भेज कर समाज में परिवार को अपमानित किया गया।
परिवार के साथ हुआ अत्याचार
मीना नेगी ने कहा कि बीते साल नवंबर में उसने कोर्ट, CM, मुख्य सचिव, गृह सचिव और पुलिस अधीक्षक शिमला को प्रार्थना पत्र देकर उसके पति और परिवार पर हुए अत्याचार और अमानवीय व्यवहार के बारे में पूरी जानकारी दी थी।