#अपराध
August 13, 2026
चंबा केस में बड़ा ट्विस्ट : मां बोली- रावी में नहीं फेंका, मेरे बच्चे को कहीं और छिपा रखा है
48 घंटे से तलाश रही पुलिस, नहीं मिला 6 वर्षीय बच्चा
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चंबा। हिमाचल प्रदेश के जिला चंबा में अपने बच्चे की तलाश में एक मां अब पुलिस के दरवाजे पर पहुंची है। महिला का दावा है कि उसका छह वर्षीय बच्चा रावी नदी में नहीं फेंका गया, बल्कि उसे कहीं छिपाकर रखा गया है और वह सुरक्षित है।
महिला ने पति और ससुराल पक्ष पर गंभीर आरोप लगाते हुए पुलिस से बच्चे को तलाशने, उसकी सुरक्षा सुनिश्चित करने और पूरे मामले की निष्पक्ष जांच करने की मांग की है। हालांकि महिला की ओर से लगाए गए आरोपों की अभी पुलिस स्तर पर पुष्टि नहीं हुई है।
महिला सारिका का आरोप है कि ससुराल में लंबे समय से उस पर दबाव बनाया जा रहा था। उसके अनुसार, मायके से कभी 20 हजार, कभी 50 हजार और कभी डेढ़ लाख रुपये लाने के लिए दबाव बनाया जाता था। महिला का आरोप है कि पति उसे अपनी मर्जी से चलने के लिए मजबूर करता था और विरोध करने पर मानसिक रूप से प्रताड़ित किया जाता था।
सारिका ने आरोप लगाया कि उसके पति के दूसरी महिला के साथ संबंध हैं और पिछले छह-सात माह से वह महिला को घर भी लेकर आता था। विरोध करने पर उसके साथ कथित तौर पर मानसिक प्रताड़ना की गई। महिला ने यह भी बताया कि वर्ष 2024 में उसके साथ मारपीट हुई थी। बाद में परिजनों ने परिवार बचने की उम्मीद में उसे दोबारा ससुराल भेज दिया था।
महिला के अनुसार, उसने अपने अधिकारों और कथित प्रताड़ना के खिलाफ आवाज उठाई तो उसे बच्चे से दूर कर दिया गया। उसने महिला मंडल के समक्ष भी अपनी बात रखने का प्रयास किया, लेकिन आरोप है कि पति ने वहां भी उसे खुलकर बोलने नहीं दिया।
महिला ने बताया कि पति ने फोन पर बच्चे को पुल के पास ले जाने और उसे नीचे गिराने की धमकी दी थी। इसके बाद कथित तौर पर उसने एक वीडियो भेजकर पुल के पास बैठे होने का दावा किया। महिला का कहना है कि 17 जुलाई को भी इसी तरह का घटनाक्रम हुआ था। उसने 112 नंबर पर शिकायत की थी, लेकिन बाद में पति ने पूरी बात को मजाक बताया।
अब महिला का दावा है कि उसका बच्चा रावी नदी में नहीं फेंका गया है। उसका कहना है कि बच्चा कहीं सुरक्षित जगह पर छिपाकर रखा गया है। इसी वजह से उसने पुलिस से बच्चे को तलाश कर सुरक्षित उसके पास वापस लाने की गुहार लगाई है।
महिला ने ऑनलाइन पुलिस शिकायत दर्ज कराने के साथ महिला थाना में भी मामला पहुंचने की बात कही है। उसका कहना है कि वह अपने बच्चे की सुरक्षा को लेकर बेहद चिंतित है और पूरे मामले की सच्चाई सामने आनी चाहिए।
पुलिस अधीक्षक विजय सकलानी ने कहा कि बच्चे की मां को पुलिस के समक्ष अपना पक्ष रखना चाहिए, ताकि पुलिस पूरे घटनाक्रम की निष्पक्षता से जांच कर सके। फिलहाल पुलिस महिला की शिकायत और उसके आरोपों के आधार पर मामले से जुड़े सभी पहलुओं की जांच कर रही है। जांच के बाद ही बच्चे से जुड़े पूरे घटनाक्रम की वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।