#अपराध
June 5, 2025
हिमाचल के फौजी ने सेना से किया धोखा, बनाए फर्जी कागज- 45 साल तक बोलता रहा झूठ
पत्नी के साथ चल रहा था फौजी का विवाद- रची साजिश
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मंडी। हिमाचल प्रदेश के मंडी जिले से एक हैरान कर देने वाला मामला सामने आया है। यहां पद्धर थाना क्षेत्र में एक पूर्व सैनिक ने सरकारी रिकॉर्ड में फर्जीवाड़ा किया है। मामले के सामने आते ही हर कोई दंग है।
फौजी ने ना सिर्फ अपनी जीवित पत्नी को मृत घोषित कर दिया, बल्कि सेना के आधिकारिक रिकॉर्ड से उसका नाम हटवाकर किसी अन्य महिला को अपनी पत्नी के रूप में दर्ज करवा दिया। यह धोखाधड़ी कई वर्षों तक पर्दे के पीछे छिपी रही, लेकिन जब पीड़िता को पेंशन नहीं मिली तो मामला उजागर हुआ।
पीड़िता सिधो देवी, पत्नी शिवलाल, निवासी गांव गरलोग ने बताया कि उनकी शादी वर्ष 1974 में हुई थी। कुछ वर्षों तक साथ रहने के बाद पति-पत्नी के बीच संबंध खराब हो गए और वे अलग हो गए।
वर्ष 1994 में जोगिंद्रनगर न्यायालय ने शिवलाल को आदेश दिया था कि वह सिधो देवी को 300 रुपये प्रतिमाह गुजारा भत्ता दे। मगर आदेश के बावजूद शिवलाल ने कभी भी यह राशि नहीं दी। जब यह राशि लगातार लंबित रही तो 1995 में न्यायालय ने उसकी संपत्ति को कुर्क कर लिया।
इसी बीच शिवलाल ने बेहद चालाक और धोखाधड़ी से भरा कदम उठाया। उसने अपनी पत्नी सिधो देवी को वर्ष 1981 में ही मृत घोषित कर दिया था। इस कृत्य को अंजाम देने के लिए उसने पंचायत से फर्जी मृत्यु प्रमाणपत्र तैयार करवाया और वर्ष 1995 में उसे सेना के रिकॉर्ड में जमा कर दिया। यही नहीं, उसने किसी अन्य महिला को अपनी पत्नी बताते हुए सेना के दस्तावेज़ों में उसका नाम भी दर्ज करवा लिया।
कई साल तक सिधो देवी इस साजिश से अनजान रहीं। जब उन्हें लंबे समय तक गुजारा भत्ता और सेना से संबंधित किसी भी योजना का लाभ नहीं मिला, तो उन्होंने वर्ष 2022 में सूचना के अधिकार (RTI) के माध्यम से सेना मुख्यालय से स्थिति स्पष्ट करने की मांग की। जब उन्हें जवाब मिला तो उनके पैरों तले जमीन खिसक गई। सेना के रिकॉर्ड में उन्हें वर्ष 1981 से मृत बताया गया था।
हालांकि, वास्तविकता यह है कि सिधो देवी आज भी पूरी तरह स्वस्थ और जीवित हैं। वे अब भी पंचायत के पारिवारिक रजिस्टर (ग्राम पंचायत कुन्नू, कटोचधार) में दर्ज हैं। जब यह खुलासा हुआ, तो उन्होंने पद्धर पुलिस थाना में इसकी विधिवत शिकायत दर्ज करवाई।
इस मामले को गंभीरता से लेते हुए पद्धर थाना पुलिस ने जांच शुरू कर दी है। थाना प्रभारी सौरभ ने बताया कि शिकायत के आधार पर पुलिस ने संबंधित पंचायत और मुख्य चिकित्सा अधिकारी कार्यालय से दस्तावेज मंगवा लिए हैं। अब प्राप्त रिकॉर्ड की गहनता से जांच की जा रही है, जिसके बाद आगामी कानूनी कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।