शिमला। हिमाचल प्रदेश की राजधानी शिमला में डाक सेवक के फर्जी दस्तावेज पाए जाने का मामला प्रकाश में आया है। बताया जा रहा है कि डाक विभाग में नौकरी लेने के लिए फर्जी दस्तावेजों को आधार बनाकर नौकरी हासिल की। जिसके बाद आरोपी के खिलाफ शिमला बालूगंज थाने में मामला दर्ज हुआ।
गुरुग्राम के युवक ने बनाए फर्जी प्रमाणपत्र
बताया जा रहा है कि एक युवक द्वारा नौकरी पाने के लिए फर्जी सर्टिफिकेट बनाए गए। जिसकी पहचान नीतीश पुत्र राजेश निवासी गुरुग्राम के रूप में हुई है। दस्तावेजों को डाक विभाग ने फर्जी पाया तो उसके खिलाफ पुलिस में मामला दर्ज कर दिया गया।
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आरोपी के खिलाफ डाक विभाग निरीक्षक शिमला उपमंडल विजय ने पुलिस को शिकायत दी है। उनका कहना है कि मामले का खुलासा तब हुआ जब विभाग द्वारा उसके दस्तावेजों की शक के आधार पर जांच की गई।
पुलिस ने मामला किया दर्ज
वहीं, विभाग की ओर से शिकायत के बाद पुलिस एक्शन में आ गई है और आरोपी के खिलाफ धारा 420 , 465 , और 468 के तहत मामला दर्ज कर लिया है। मामले में आरोपी नीतिश के दस्तावेजों की जांच की जाएगी। वहीं पुलिस द्वारा इस मामले को लेकर कहना है कि विभाग अधिकारी ने इस मामले की शिकायत की है। पुलिस कार्रवाई कर रही है।
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पहले भी आ चुके है कई मामले
बता दें कि इससे पहले भी हिमाचल प्रदेश में फर्जी दस्तावेजों पर नौकरी पाने के कई मामले आ चुके हैं। अगस्त माह में ही एक युवक पर फर्जी दस्तावेज दिखाकर नौकरी लेने का मामला सामने आया था। इससे पहले शिमला में ही दो मामले डाक विभाग से सामने आए थे और उससे पूर्व दो मामले ठियोग में पकड़े गए।
बता दें कि बार- बार जाली दस्तावेजों की शिकायत मिलने के बाद विभाग कर्मचारियों के दस्तावेजों की वैरिफिकेशन करवा रहा है, जिसमें कई अन्य के दस्तावेज भी फर्जी निकल रहे हैं। वहीं मामले में एक और व्यक्ति का फर्जी प्रमाणपत्र बनाने का मामला सामने आया है।