#अपराध
July 24, 2026
हिमाचल : इंतकाल के लिए मांगी रिश्वत- एक लाख कैश लेते धरे कानूनगो, पटवारी समेत तीन
आरोपियों को आज अदालत में पेश कर पुलिस रिमांड मांगा जाएगा
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मंडी। जमीन का म्यूटेशन करवाने के लिए सरकारी दफ्तर के चक्कर लगा रहे एक व्यक्ति से कथित तौर पर दो लाख रुपये की रिश्वत मांगना कानूनगो, पटवारी और उनके सहायक को भारी पड़ गया। शिकायत विजिलेंस तक पहुंची तो टीम ने पूरी योजना के साथ जाल बिछाया।
जैसे ही रिश्वत की पहली किस्त के रूप में एक लाख रुपये लिए गए, विजिलेंस ने मौके पर ही कार्रवाई करते हुए सहायक को रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया। इसके बाद पूछताछ के आधार पर कानूनगो और पटवारी को भी हिरासत में लेकर गिरफ्तार कर लिया गया।
मामला हिमाचल प्रदेश के जिला मंडी का है, जहां स्टेट विजिलेंस एंड एंटी करप्शन ब्यूरो ने गोहर क्षेत्र में कार्रवाई की। तीनों आरोपियों के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मामला दर्ज कर आगे की जांच शुरू कर दी गई है।
जानकारी के अनुसार गोहर निवासी पूर्ण चंद ने विजिलेंस थाना मंडी में शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत में आरोप लगाया गया कि कानूनगो बंसी लाल और पटवारी अरुण धीमान उनकी जमीन के म्यूटेशन के एवज में दो लाख रुपये की रिश्वत मांग रहे थे।
आरोप है कि रिश्वत की पहली किस्त के रूप में एक लाख रुपये लेने के लिए दोनों अधिकारियों ने अपने सहायक ललित कुमार को भेजा था।शिकायत मिलने के बाद विजिलेंस ने आरोपों का सत्यापन किया और शिकायत सही पाए जाने पर ट्रैप की योजना बनाई।
विजिलेंस टीम ने गोहर में जाल बिछाया। जैसे ही सहायक ललित कुमार ने शिकायतकर्ता से एक लाख रुपये की रिश्वत स्वीकार की, टीम ने उसे मौके पर ही रंगे हाथ पकड़ लिया। इसके बाद उससे पूछताछ की गई, जिसके आधार पर कानूनगो बंसी लाल और पटवारी अरुण धीमान को भी गिरफ्तार कर लिया गया।
बताया जा रहा है कि कानूनगो बंसी लाल कुछ ही दिनों में सेवानिवृत्त होने वाले थे। रिटायरमेंट से पहले ही रिश्वतखोरी के आरोप में उनकी गिरफ्तारी पूरे क्षेत्र में चर्चा का विषय बनी हुई है।
विजिलेंस ने तीनों आरोपियों के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया है। डीएसपी विजिलेंस प्रियंक गुप्ता ने मामले की पुष्टि करते हुए बताया कि जांच जारी है। आरोपियों को आज अदालत में पेश कर पुलिस रिमांड मांगा जाएगा, ताकि यह पता लगाया जा सके कि रिश्वत मांगने की साजिश में कोई अन्य व्यक्ति भी शामिल था या नहीं और पूरे मामले की तह तक पहुंचा जा सके।