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August 17, 2024

सुख की सरकार ने बागवानों की जिंदगी में भर दिए दुख, सेब खरीद पर लगा दी कई शर्तें

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शिमला। हिमाचल प्रदेश की आर्थिक की मुख्य स्त्रोत सेब कारोबार अब शुरू होने वाला है। लेकिन आर्थिक संकट से जूझ रही सुक्खू सरकार ने सेब बागवानों को बड़ा झटका दे दिया है। ऐसे में सुख की सरकार बागवानों के लिए दुख की सरकार बनती जा रही है। सुख की सरकार ने मंडी मध्यस्थता योजना एमआईएस के तहत सेब खरीद पर कई नई शर्तें लगा दी हैं। जिससे बागवानों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं।

सेब खरीद के लिए उद्यान कार्ड अनिवार्य

सुक्खू सरकार ने एमआईएस के तहत सेब खरीद के लिए उद्यान कार्ड अनिवार्य कर दिया है। यानी जिनके पास उद्यान कार्ड नहीं होगा, ऐसे बागवानों से सरकार एमआईएस योजना के तहत सेब नहीं खरीदेगी। बागवानों के लिए सरकार की यह शर्त इसलिए भी मुसिबत बन गई है, क्योंकि अधिकतर बागवानों के पास उद्यान कार्ड नहीं हैं।

उद्यान कार्ड में किस अनुपात में सेब खरीदेगी सरकार

सरकार की नई शर्त के अनुसार अब बागवानों के पास उपलब्ध भूमि और फलदार पौधों के अनुपात के मुताबिक ही सरकार सेब खरीदेगी। जिसके लिए सरकार ने उद्यान कार्ड को जरूरी कर दिया है। ऐसे में अब फल एकत्रीकरण केंद्र में प्रभारी की ओर से राजस्व अभिलेख ;जमाबंदीद्ध से उद्यान कार्ड का मिलान किया जाएगा, इसके बाद ही एमआईएस योजना के तहत बागवानों से सेब की खरीद की जाएगी।

सुक्खू सरकार ने क्यों बढ़ाया बागवानों का दर्द इन बिंदूओं से जानें

  • सुक्खू सरकार एमआईएस योजना के तहत अब बिना उद्यान कार्ड के बागवानों से सेब नहीं खरीदेगी
  • सरकार बागवानों के पास उपलब्ध भूमि और फलदार पौधों के अनुपात के मुताबिक ही सेब खरीदेगी।
  • फल एकत्रीकरण केंद्र में राजस्व अभिलेख यजमाबंदीद्ध से उद्यान कार्ड के मिलान के बाद ही सेब खरीदेगी सरकार
  • सुक्खू सरकार एमआईएस योजना के तहत पक्षी का खाया हुआ, दागी सेब, स्कैब ग्रस्त, इथरल स्प्रे किया हुआ सेब और 51 मिलीमीटर से कम डाया वाला सेब भी नहीं खरीदेगी।
  • ऐसे सेब को सरकार एकत्रीकरण केंद्र से ही वापस भेजेगी।
  • सरकार ने इस बार एमआईएस के लिए 12 रुपए प्रति किलो रेट निर्धारित किया है।
  • बागवान बोले निम्न क्वालिटी सेब खरीद के लिए शुरू की थी योजना, अब बागवानों से हो रहा धोखा

अब सरकार नहीं खरीदेगी इस तरह का सेब

सुक्खू सरकार अब एमआईएस योजना के तहत पक्षी का खाया हुआ, दागी सेब, स्कैब ग्रस्त, इथरल स्प्रे किया हुआ सेब और 51 मिलीमीटर से कम डाया वाला सेब भी नहीं खरीदेगी। इस तरह के सेब को एकत्रीकरण केंद्र से ही वापस भेज दिया जाएगा। अगर कोई बागवान ऐसे सेब को केंद्र में ही छोड़ देता है तो केंद्र प्रभारी उस सेब को नष्ट करने में सक्षम होगा। जिसका कोई भी भुगतान बागवान को नहीं किया जाएगा।

सरकार द्वारा लगाई शर्तें बागवानों से धोखा

सरकार ने इस बार एमआईएस के लिए 12 रुपए प्रति किलो रेट निर्धारित किया है। लेकिन सेब सीजन के बीच में ही अब सुक्खू सरकार ने ऐसी शर्तें लगा दी हैं जिससे बागवान भड़क उठे हैं। हिमाचल सेब उत्पादक संघ के अध्यक्ष सोहन ठाकुर ने बताया कि एमआईएस योजना निम्न क्वालिटी के सेब की खरीद के लिए शुरू की गई थी। अब सरकार ने जिस तरह की शर्तें थोपी वो बागवानों से धोखा है। इसके विरोध में आंदोलन किया जाएगा। यह भी पढ़ें: छाना पहाड़-निकला कुत्ता: 12 घंटे चला सर्च ऑपरेशन फेल या पास ? आप बताइए

25 रुपए वाला सेब 12 रुपए में खरीदना चाह रही सरकार

उन्होंने बताया कि जिस तरह का सेब सरकार खरीदना चाह रही है, उसका रेट कम से कम 25 रुपए होना चाहिए। एक तरफ सरकार ने एमआईएस का रेट पिछले साल वाला ही रखा है, दूसरी तरफ इस योजना पर नई नई शर्तें लगाई जा रही है। यह भी पढ़ें: मंत्री विक्रमादित्य सिंह का दावा निकला फर्जी, 13 महीनों से आस में है पांच गांव

बागवान उद्यान कार्ड बनाए, या सेब तोड़े

वहीं प्रोग्रेसिव ग्रोअर एसोसिएशन के अध्यक्ष लोकेंद्र बिष्ट ने बताया कि सरकार ने बीच सीजन में उद्यान कार्ड बनाने की शर्त लगाई है। इसे बनाने में कई दिन लग जाते है। अब बागवान सेब सीजन में सेब तुड़ान करेगा या फिर कार्यालयों के चक्कर काट कर उद्यान कार्ड बनाएगा। उनका कहना है कि अगर सरकार को यह शर्त लगानी ही थी तो पहले लगा दी होती, ताकि बागवान अब तक उद्यान कार्ड बनवा चुके होते। यह भी पढ़ें: मलाणा राशन ले जा रहे हेलीकॉप्टर की नहीं हुई लैंडिंग-सड़क बनने में लगेगा 6 महीने का समय
एमआईएस के रेट पर बेस्ट क्वालिटी का सेब खरीदना चाह रही सुक्खू सरकार
उन्होंने बताया कि एमआईएस के तहत ओलों से दागी सेब और छोटे साइज का फ्रूट नहीं लेने का फैसला बागवानों से धोखा है। सरकार ने पहले एमआईएस के तहत रेट कम रखा है। अब नई नई शर्तें थोपी जा रही है। सुक्खू सरकार एमआईएस योजना के तहत सेब का कम रेट देकर अच्छी क्वालिटी का सेब खरीदना चाह रही है। यह भी पढ़ें : हड़ताल पर डॉक्टर: इलाज के लिए दिन भर भटकते रहे मरीज, बिना उपचार लौटे घर

2022 में 72 हजार मीट्रिक टन सेब खरीदी सरकार

हिमाचल सरकार ने 2023 में एमआईएस के तहत लगभग 52 हजार मीट्रिक टन और 2022 में रिकॉर्ड 72 हजार मीट्रिक टन सेब खरीदा था। इस योजना के तहत खरीदे गए सेब से सरकारी उपक्रम एचपीएमसी जूस तैयार करता है। यह योजना निम्न क्वालिटी सेब खरीदने के लिए ही शुरू की गई थी।

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