#अव्यवस्था
June 18, 2026
देवभूमि की गंदगी देख विदेशी महिला बोली- मैं आपके देवताओं का आपसे ज्यादा सम्मान करती हूं
साफ-सफाई बनाए रखना सभी का नैतिक कर्तव्य
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शिमला। हिमाचल प्रदेश की राजधानी शिमला में पर्यटन स्थलों और जंगलों में बढ़ती गंदगी को लेकर एक विदेशी महिला पर्यटक का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। करीब डेढ़ मिनट के इस वीडियो में महिला ने प्रदेश की प्राकृतिक सुंदरता की सराहना करते हुए लोगों से स्वच्छता बनाए रखने की भावुक अपील की है।
दरअसल, विदेशी पर्यटक महिला का कहना है कि, जिस प्रदेश को लोग श्रद्धा से “देवभूमि” कहते हैं, वहां धार्मिक स्थलों, जंगलों और सड़कों के किनारे फैला कचरा देखकर उसे बेहद निराशा हुई है। वीडियो में महिला ने कहा कि वह हिमाचल की संस्कृति, परंपराओं और यहां के देवी-देवताओं का सम्मान करती है।
लेकिन यात्रा के दौरान उसे लगभग हर जगह शराब और बीयर की खाली बोतलें, प्लास्टिक कचरा और अन्य अपशिष्ट सामग्री बिखरी हुई दिखाई दी। उसने दुख जताते हुए कहा कि कई बार ऐसा लगता है कि वह यहां की धार्मिक और सांस्कृतिक विरासत का सम्मान स्थानीय लोगों और कुछ पर्यटकों से भी अधिक करती है।
#Himachal hosts over 1.5–2 crore #Tourists every year, but waste management is failing to keep up. When even #Foreigner visitors notice garbage before the mountains, it's time for urgent action.#HimachalPradesh #CleanHimachal #SwachhBharat pic.twitter.com/2UVGC3Dv2S
— Meera PahadiPixie (🕉️सनातन परिवार🕉️) (@dhauladhar57421) June 18, 2026
महिला ने जंगलों और प्राकृतिक स्थलों का उदाहरण देते हुए बताया कि हिमाचल की खूबसूरती दुनिया भर के लोगों को अपनी ओर आकर्षित करती है। ऊंचे पहाड़, घने जंगल और शांत वातावरण किसी स्वर्ग से कम नहीं हैं, लेकिन इन्हीं स्थानों पर फैला कूड़ा इस सुंदरता को नुकसान पहुंचा रहा है। उसका कहना था कि प्रकृति को बचाने के लिए केवल सरकार की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि हर नागरिक और पर्यटक की भी बराबर जिम्मेदारी है।
अपने संदेश में महिला ने पर्यटकों से आग्रह किया कि यदि वे कार या अन्य वाहन से यात्रा कर रहे हैं तो कचरे को सड़क या जंगल में फेंकने की बजाय अपने साथ रखें और उचित स्थान पर डस्टबिन मिलने पर ही उसका निपटान करें। महिला सवाल उठाया कि जब लोग अपने घरों और होटलों को साफ रखते हैं, तो फिर पर्यटन स्थलों और धार्मिक स्थानों को गंदा क्यों छोड़ देते हैं।
विदेशी पर्यटक ने विशेष रूप से मंदिरों और पवित्र स्थलों के आसपास दिखाई देने वाली गंदगी पर भी चिंता व्यक्त की। महिला ने कहा कि जिन स्थानों को लोग श्रद्धा और आस्था का केंद्र मानते हैं, वहां साफ-सफाई बनाए रखना सभी का नैतिक कर्तव्य होना चाहिए। यदि लोग अपने धार्मिक स्थलों और प्राकृतिक धरोहरों का सम्मान नहीं करेंगे तो आने वाली पीढ़ियों के लिए इनकी सुंदरता और महत्व दोनों प्रभावित हो सकते हैं।
गौरतलब है कि गर्मियों के पर्यटन सीजन के दौरान हिमाचल प्रदेश में लाखों पर्यटक पहुंचते हैं। शिमला, मनाली, कुफरी, नारकंडा, कुल्लू, मणिकर्ण, डलहौजी, किन्नौर, अटल टनल और लाहौल-स्पीति जैसे प्रमुख पर्यटन स्थलों पर भारी संख्या में सैलानी पहुंच रहे हैं। ऐसे में कचरा प्रबंधन और स्वच्छता एक बड़ी चुनौती बनती जा रही है।