नई दिल्ली। हिंदू धर्म में पूजा-पाठ और व्रत को बहुत महत्व दिया जाता है। हिंदू धर्म में गणेश चतुर्थी को बड़े धूमधाम के साथ मनाया जाता है। हर साल भाद्रपद माह के शुक्ल पक्ष की चतुर्थी तिथि को गणेश चतुर्थी मनाई जाती है। भादो मास में गणेश चुतर्थी से अनंत चतुर्थी तक भगवान गणेश की पूजा-अर्चना की जाती है।
10 दिन मनाया जाता है गणेश उत्सव
भाद्रपद मास भगवान गणेश को समर्पित होता है। पूरे दस दिनों तक गणेश उत्सव मनाया जाता है। फिर गणेज विसर्जन किया जाता है। इस साल गणेश चतुर्थी का शुभारंभ 7 सितंबर, शनिवार को हुआ था। यह भी पढ़ें: हिमाचल : कार और बाइक की जोरदार टक्कर, बुझ गया एक घर का चिराग आज हम आपको बताएंगे कि गणेश विसर्जन करने का शुभ दिन क्या है और गणेश विसर्जन करने की प्रक्रिया क्या है। इसके अलावा बताएंगे की अनंत चतुर्दशी कब है और क्या है।क्या है अनंत चतुदर्शी?
अनंत चतुदर्शी हिन्दू धर्म का महत्वपूर्ण पर्व है, जो गणेशोत्सव के अंतिम दिन आता है। इस दिन भगवान विष्णु के अनंत रूप की पूजा की जाती है और गणपति विसर्जन भी किया जाता है। श्रद्धालु गणपति बप्पा को विदाई देते हैं और अगले साल उनके फिर से आगमन की कामना करते हैं। यह भी पढ़ें: हिमाचल : शादी के दिखाता था सपने, कई बार की नीचता और फिर छोड़ दियाकब है अनंत चतुर्दशी?
हिंदू पंचांग के अनुसार, इस साल भाद्रपद माह के शुक्ल पक्ष की चतुर्दशी तिथि 16 सितंबर, सोमवार को दोपहर 3 बजकर 10 मिनट पर शुरू होगी। इस तिथि का समापन 17 सितंबर, मंगलवार को दिन में 11 बजकर 44 मिनट पर होगा। ऐसे में उदयातिथि के अनुसार, अनंत चतुर्दशी 17 सितंबर को मनाई जाएगी। यानी गणेश विसर्जन 17 सितंबर को किया जाएगा।कौनसे बन रहे योग?
इस साल अनंत चतुर्दशी के दिन-- रवि योग
- धृति योग
- शूल योग बन रहा है।
- रवि योग सुबह 6 बजकर 7 मिनट से दोपहर 1 बजकर 53 मिनट तक रहेगा। रवि योग में ही अनंत चतुर्दशी की पूजा होगी। रवि योग में सभी प्रकार के दोष मिट जात हैं। दरअसल, इसमें सूर्य का प्रभाव अधिक होता है। यह एक शुभ योग है।
- धृति योग सुबह सवेरे से लेकर सुबह 7 बजकर 48 मिनट तक है।
- फिर शूल योग शुरू होगा- जो कि 18 सितंबर को सुबह 3 बजकर 41 मिनट तक रहेगा।
कैसे मनाई जाती है अनंत चतुर्दशी?
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भगवान विष्णु की पूजा-
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अनंत सूत्र की विधि-
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गणेश विसर्जन-
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व्रत और उपवास-
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अनंत चतुर्दशी की लोक मान्यताएं-
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समुदाय और उत्सव-
