शिमला। हिमाचल प्रदेश की वित्तीय हालत किसी से छुपी नहीं है। एक तरह जहां हिमाचल सरकार आर्थिक संंकट से जूझ रही है और RDG बंद होने से परेशान है। इसी बीच मोदी सरकार की ओर से हिमाचल को प्रोत्साहित राशि मिली है।
हिमाचल को मिले 46 करोड़
हिमाचल प्रदेश के लोक निर्माण विभाग को राष्ट्रीय स्तर पर बेहतरीन प्रदर्शन का लाभ मिला है। ग्रामीण विकास मंत्रालय, भारत सरकार ने प्रदेश को 46 करोड़ रुपये की प्रोत्साहन राशि (इंसेंटिव फंड) जारी की है।
यह भी पढ़ें : हिमाचल में कल से बारशि-बर्फबारी, तेज आंधी-तूफान के साथ बरसेंगे बादल; अलर्ट जारी
मंत्री विक्रमादित्य ने जताया आभार
यह राशि प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना (PMGSY) के तहतसड़कों के गुणवत्तापूर्ण निर्माण, तय समयसीमा में कार्य पूर्ण करने और बेहतर रखरखाव के आधार पर प्रदान की गई है। इस उपलब्धि पर लोक निर्माण मंत्री विक्रमादित्य सिंह ने केंद्र सरकार और विशेष रूप से ग्रामीण विकास मंत्रालय का आभार व्यक्त किया है।
प्रदेश के प्रयासों की औपचारिक सराहना
लोक निर्माण मंत्री ने कहा कि यह प्रोत्साहन राशि केवल आर्थिक सहायता नहीं, बल्कि ग्रामीण सड़क नेटवर्क को मजबूत बनाने के लिए हिमाचल प्रदेश द्वारा किए गए निरंतर और गंभीर प्रयासों की औपचारिक मान्यता है। उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना देश की सबसे महत्वाकांक्षी योजनाओं में से एक है- जिसने ग्रामीण भारत की तस्वीर बदलने में अहम भूमिका निभाई है।
यह भी पढ़ें : हिमाचल पर गहराया आर्थिक संकट : रुक सकता है कर्मचारियों का DA-एरयिर, जनता पर भी पड़ेगा असर
हिमाचल ने किया बढ़िया काम
विशेषकर पहाड़ी, दुर्गम और दूरस्थ क्षेत्रों वाले राज्यों के लिए यह योजना किसी जीवनरेखा से कम नहीं है। हिमाचल जैसे पहाड़ी राज्य में, जहां भौगोलिक चुनौतियां हमेशा बनी रहती हैं, वहां पीएमजीएसवाई ने गांवों को मुख्य सड़कों और बाजारों से जोड़कर सामाजिक और आर्थिक गतिविधियों को गति दी है।
नहीं किया गया कोई समझौता
विक्रमादित्य ने कहा कि प्रदेश सरकार ने PMGSY के लक्ष्यों को गंभीरता से लेते हुए सड़कों के निर्माण, उन्नयन और रखरखाव में तय मानकों का पूरी तरह पालन किया है। परियोजनाओं को समय पर पूरा करने के साथ-साथ गुणवत्ता से किसी भी तरह का समझौता नहीं किया गया। इसी का परिणाम है कि हिमाचल प्रदेश को प्रदर्शन-आधारित प्रोत्साहन राशि प्राप्त हुई है, जो आगे के कार्यों को और मजबूती देगी।
यह भी पढ़ें : हिमाचल सरकार ने लिया बड़ा फैसला : कल से लागू होगा नया कानून, जानें क्या और क्यों
अधिकारियों और फील्ड टीम की सराहना
लोक निर्माण मंत्री ने विभाग के इंजीनियरों, परियोजना निदेशालय, फील्ड इकाइयों और कार्य एजेंसियों की खुलकर सराहना की। उन्होंने कहा कि ऊंचे-नीचे पहाड़ी रास्ते, बार-बार होने वाले भूस्खलन, भारी वर्षा, सीमित कार्य अवधि और कठिन भौगोलिक परिस्थितियों के बावजूद विभाग ने अनुकरणीय कार्य किया है।
उन्होंने बताया कि पारदर्शी प्रक्रियाएं, आधुनिक तकनीकों का उपयोग, नियमित मॉनिटरिंग और तृतीय-पक्ष गुणवत्ता परीक्षण जैसी व्यवस्थाओं ने प्रदेश को राष्ट्रीय स्तर पर बेहतर प्रदर्शन करने वाले राज्यों की श्रेणी में स्थापित किया है।
यह भी पढ़ें : हिमाचल में 6 दिन नहीं मिलेगी 108-102 AMBULANCE, हड़ताल पर जा रहे सभी कर्मी
कहां इस्तेमाल होगी ये रकम?
विक्रमादित्य सिंह ने स्पष्ट किया कि यह 46 करोड़ रुपये की प्रोत्साहन राशि विशेष रूप से दूरदराज, जनजातीय, सीमा और अत्यंत दुर्गम क्षेत्रों में बुनियादी सड़क ढांचे को मजबूत करने में खर्च की जाएगी। इस राशि से सड़कों की मजबूती, पुलियों का निर्माण, ढाल नियंत्रण कार्य, ब्लैक-स्पॉट सुधार, सड़क सुरक्षा उपाय और आवश्यकतानुसार अपग्रेडेशन जैसे कार्यों को गति मिलेगी।
आम जन को मिलेगा लाभ
उन्होंने कहा कि बेहतर सड़कों से किसानों को अपने उत्पाद समय पर बाजार तक पहुंचाने में सुविधा मिलेगी, युवाओं को रोजगार और कौशल विकास के अवसरों तक आसान पहुंच होगी, विद्यार्थियों को शिक्षण संस्थानों तक सुरक्षित रास्ते मिलेंगे और ग्रामीण जनता को स्वास्थ्य सेवाओं, आपातकालीन सुविधाओं व अन्य मूलभूत सेवाओं तक पहुंच और सुगम होगी।
यह भी पढ़ें : हिमाचल : 8 लाख की चरस के साथ राधा गिरफ्तार, पिता-पति से सीखा धंधा; बनी मास्टरमाइंड
संतुलित विकास के संकल्प को मिलेगी मजबूती
लोक निर्माण मंत्री ने कहा कि PMGSY-3 और PMGSY-4 के अंतर्गत स्वीकृत परियोजनाओं के साथ-साथ यह प्रोत्साहन राशि “हर गांव तक उत्तम सड़क, हर घर तक संतुलित विकास” के संकल्प को और मजबूत करेगी। उन्होंने भरोसा जताया कि आने वाले समय में हिमाचल प्रदेश ग्रामीण सड़क कनेक्टिविटी के क्षेत्र में नए मानक स्थापित करेगा और यह उपलब्धि प्रदेश के समग्र विकास में मील का पत्थर साबित होगी।
