शिमला। हिमाचल प्रदेश के सरकारी स्कूलों में शिक्षा के स्तर को सुधारने और अनुशासन को मजबूत करने के लिए प्रदेश सरकार ने एक बड़ा फैसला लिया है। आगामी 1 मार्च से प्रदेश के सभी सरकारी स्कूलों में मोबाइल फोन के इस्तेमाल पर पूरी तरह से प्रतिबंध लगा दिया जाएगा। इस संबंध में शिक्षा विभाग जल्द ही विस्तृत गाइडलाइंस (SOP) जारी करने जा रहा है।

टीचर-स्टूडेंट दोनों पर सख्ती

शिक्षा मंत्री रोहित ठाकुर ने इस निर्णय की जानकारी देते हुए स्पष्ट किया कि ये पाबंदी केवल छात्रों तक ही सीमित नहीं रहेगी। अब शिक्षक भी कक्षाओं के भीतर मोबाइल फोन लेकर नहीं जा सकेंगे। नियमों के अनुसार:

  • छात्रों के लिए: स्कूल परिसर में छात्रों द्वारा मोबाइल लाना वर्जित होगा ताकि उनका ध्यान सोशल मीडिया या गेमिंग के बजाय पढ़ाई पर केंद्रित रहे।
  • शिक्षकों के लिए: शिक्षक स्कूल में अपने साथ अधिकतम दो मोबाइल फोन रख सकते हैं, लेकिन उन्हें क्लासरूम के भीतर ले जाने की अनुमति नहीं होगी। कक्षा शुरू होने से पहले फोन को निर्धारित स्थान पर जमा करना होगा।

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क्यों लिया गया ये फैसला ?

सरकार का मानना है कि पिछले कुछ समय में स्कूलों में मोबाइल फोन के बढ़ते उपयोग के कारण शैक्षणिक माहौल प्रभावित हो रहा था। कई बार क्लास के दौरान फोन बजने या सोशल मीडिया के उपयोग से शिक्षकों और छात्रों दोनों का ध्यान भटकता था। इस कदम से डिजिटल डिस्ट्रैक्शन (भटकाव) कम होगा और छात्र-शिक्षक के बीच बेहतर संवाद स्थापित हो सकेगा।

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छात्रों के हित में है फैसला

हिमाचल सरकार का ये फैसला छात्रों के हित में है। पढ़ने-लिखने की जगह पर अगर बच्चे मोबाइल पर नाचने-गाने के रील स्क्रोल करेंगे तो इसमें दो राय नहीं कि राज्य का भविष्य खतरे में है। ऐसे में स्कूलों में मोबाइल को लेकर की जा रही सख्ती आज के समय की मांग है। देखने वाली बात होगी की इस नियम के लागू होने के बाद क्या होता है।