ऊना। हिमाचल प्रदेश में शैक्षणिक संस्थानों से रैगिंग के मामले बार-बार सामने आना अब एक गंभीर चिंता का विषय बनता जा रहा है। कभी कॉलेज, तो कभी स्कूल, छात्रों की सुरक्षा को लेकर उठते सवाल थमने का नाम नहीं ले रहे। ताजा मामला ऊना जिले के प्रतिष्ठित जवाहर नवोदय विद्यालय से जुड़ा है, जहां एक छात्रा के गंभीर आरोपों ने न सिर्फ स्कूल प्रशासन को कटघरे में खड़ा किया है, बल्कि पुलिस को भी जांच में उतरना पड़ा है।
दसवीं की छात्रा ने लगाए सीनियर छात्रों पर आरोप
मामला विद्यालय में पढ़ने वाली दसवीं कक्षा की एक छात्रा से जुड़ा है, जिसने अपने सीनियर छात्रों पर रैगिंग जैसे गंभीर आरोप लगाए हैं। छात्रा के परिजनों का कहना है कि इस घटनाक्रम से बच्ची मानसिक रूप से परेशान है और उसकी सुरक्षा को लेकर वे चिंतित हैं। इसी को लेकर परिजनों ने औपचारिक शिकायत दर्ज कराई है।
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पुलिस तक पहुंचा मामला
शिकायत मिलने के बाद पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेते हुए प्रारंभिक जांच शुरू कर दी है। पुलिस की ओर से छात्रा, उसके परिजनों और कथित रूप से आरोपित छात्रों से पूछताछ की तैयारी की जा रही है, ताकि पूरे घटनाक्रम की वास्तविक स्थिति सामने आ सके।
स्कूल प्रशासन ने गठित की फैक्ट फाइंडिंग कमेटी
मामले के सामने आने के बाद जवाहर नवोदय विद्यालय प्रशासन ने भी कदम उठाए हैं। विद्यालय के प्रिंसिपल राज सिंह ने बताया कि पूरे मामले की निष्पक्ष और पारदर्शी जांच के लिए एक फैक्ट फाइंडिंग कमेटी का गठन किया गया है। यह कमेटी सभी संबंधित पक्षों के बयान दर्ज कर तथ्यों की गहन पड़ताल करेगी।
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नवंबर की घटना, शिकायत जनवरी में दर्ज
विद्यालय प्रबंधन के अनुसार, यह मामला कथित रूप से नवंबर महीने का बताया जा रहा है, जबकि छात्रा के परिजनों ने 27 जनवरी को पुलिस में औपचारिक शिकायत दर्ज करवाई। प्रिंसिपल ने यह भी स्पष्ट किया कि इससे पहले स्कूल प्रशासन को इस संबंध में कोई लिखित या मौखिक शिकायत प्राप्त नहीं हुई थी।
जांच के आधार पर होगी आगे की कार्रवाई
स्कूल प्रशासन का कहना है कि फैक्ट फाइंडिंग कमेटी की रिपोर्ट और पुलिस जांच में सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर ही आगे की कार्रवाई की जाएगी। प्रशासन ने यह भी कहा है कि किसी भी स्तर पर लापरवाही या अनुचित व्यवहार सामने आने पर सख्त कदम उठाए जाएंगे।
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चिंता में अभिभावक
इस घटनाक्रम के बाद विद्यालय परिसर में छात्रों और अभिभावकों के बीच चिंता का माहौल है। रैगिंग जैसे मामलों में समय रहते कार्रवाई न होना, छात्रों की मानसिक और शारीरिक सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े करता है। स्कूल प्रशासन ने सभी छात्रों से अपील की है कि किसी भी तरह की अनुचित गतिविधि की जानकारी तुरंत संबंधित अधिकारियों को दें।
