मंडी। देवभूमि हिमाचल में शिवरात्रि के पावन पर्व की तैयारियों के बीच मंडी जिले की सराज घाटी से ऐसी खबर आई, जिसने पूरे इलाके को स्तब्ध कर दिया। जिन घरों में आज भोलेनाथ के स्वागत की तैयारियां चल रही थीं, पकवान बन रहे थे और देव आगमन की प्रतीक्षा थी, वहीं कुछ ही पलों में चीख-पुकार और मातम पसर गया। तड़के सुबह हुए एक भीषण सड़क हादसे में चार बचपन के दोस्तों में से तीन की मौत हो गई, जबकि एक युवक जिंदगी और मौत से जूझ रहा है।

 

त्योहार की भोर, लेकिन गांव में पसरा सन्नाटा

 

हादसा रविवार तड़के करीब चार बजे सराज घाटी में हुआ। चारों युवक बिना किसी को बताए घर से जीप लेकर निकले थे। जीप संख्या HP-65-5148 लंबाथाच–कलहणी सड़क पर बुनालीधार के पास पहुंचते ही अनियंत्रित हो गई और करीब 200 मीटर गहरी खाई में जा गिरी। यह स्थान उनके घर से लगभग 24 किलोमीटर दूर बताया जा रहा है। जिस वक्त यह हादसा हुआ, उस समय गांवों में शिवरात्रि की सुबह की तैयारियां शुरू ही हुई थीं।

 

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मौके पर दो की मौत, तीसरे ने अस्पताल में तोड़ा दम

 

हादसा इतना भयावह था कि दो युवकों की मौके पर ही मौत हो गई। गाड़ी के खाई में गिरने की तेज आवाज सुनकर आसपास के लोग मौके पर पहुंचे। उन्होंने देखा कि दो युवक वाहन से बाहर गिरे पड़े थे, जबकि दो जीप के अंदर फंसे हुए थे। ग्रामीणों ने तत्काल राहत कार्य शुरू किया और घायलों को अस्पताल पहुंचाया, लेकिन दो युवकों को डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया। तीसरे युवक ने इलाज के दौरान दम तोड़ दिया।

 

चार दोस्त निकले थे, तीन लौटे कफन में

 

इस हादसे में जान गंवाने वाले युवकों की पहचान 19 वर्षीय ऋतिक ठाकुर, 17 वर्षीय सुनील और 18 वर्षीय ईशान के रूप में हुई है। वहीं 18 वर्षीय कुशाल गंभीर रूप से घायल हुआ है, जिसका उपचार श्री लाल बहादुर शास्त्री राजकीय मेडिकल कॉलेज नेरचौक में चल रहा है। उसकी हालत नाजुक बताई जा रही है। सभी युवक सराज क्षेत्र के केलोधार और आसपास के गांवों के निवासी थे और आईटीआई में पढ़ाई कर रहे थे।

 

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पिता का इकलौता बेटा भी हादसे का शिकार

 

पुलिस के अनुसार, दुर्घटनाग्रस्त जीप योगराज निवासी बगस्याड़ की थी। हादसे में योगराज के बेटे ऋतिक की भी मौत हो गई। शिवरात्रि के दिन बेटे की असमय मौत ने परिवार को पूरी तरह तोड़ दिया है। पूरे इलाके में शोक की लहर है और जिन घरों में आज उत्सव होना था, वहां चूल्हे तक नहीं जले।

 

हादसा इतना भीषण कि पहचान में आई दिक्कत

 

पुलिस ने बताया कि दुर्घटना की भयावहता के चलते शुरुआती दौर में शवों की पहचान करने में भी कठिनाई हुई। बाद में परिजनों की मदद से पहचान सुनिश्चित की गई। शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है और आगे की कानूनी प्रक्रिया पूरी की जा रही है।

 

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पुलिस ने शुरू की जांच

 

हादसे की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंच गई। थाना प्रभारी जंजैहली रामकृष्ण ने बताया कि दुर्घटना के कारणों की जांच की जा रही है। प्रथम दृष्टया वाहन के अनियंत्रित होने की बात सामने आ रही है, लेकिन सभी पहलुओं को ध्यान में रखकर जांच की जा रही है। शिवरात्रि के इस पावन दिन पर सराज घाटी में आस्था, भक्ति और उत्सव की जगह अब सिर्फ दर्द, आंसू और सन्नाटा रह गया है।

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