कांगड़ा। किसी ने क्या खूब लिखा है कि दिन को मेहनत, रात को किताबों से नाता, हर घड़ी सपनों को सच करने का इरादा। नौकरी के साथ पढ़ाई को संभाला है, हौसले ने हर मुश्किल को टाला है। इन्हीं शब्दों को बखूबी चरितार्थ कर दिखाया है कांगड़ा जिले के बेटे राजेंद्र चौधरी ने।
अफसर बना गांव का बेटा
छोटे से गांव से संबंध रखने वाले राजेंद्र चौधरी असम राइफल में असिस्टेंट कमाडेंट के पद पर अपनी सेवाएं देंगे। राजेंद्र चौधीर बीते कल IMA देहरादून से पास आउट हुए हैं। राजेंद्र की इस उपलब्धि के बाद पूरे गांव और परिवार में खुशी का माहौल है।
यह भी पढ़ें : हिमाचल : कार ने बस को मारी टक्कर, अंदर फंसे 3 सवार; मची चीख-पुकार
सरकारी स्कूल से पढ़े हैं राजेंद्र
आपको बता दें कि राजेंद्र चौधरी पालमपुर के छोटे से गांव अपर दत्तल के रहने वाले हैं। राजेंद्र चौधरी ने दसवीं तक की पढ़ाई JCV स्कूल सालियाना से की हैं। जबकि, जमा दो कि पढ़ाई सरकारी स्कूल राजपुरा से पूरी की है।
ड्यूटी के दौरान की पढ़ाई
साल 2008 में राजेंद्र भारतीय सेना की असम राइफल सेना में बतौर हवलदार कलर्क भर्ती हुए थे। राजेंद्रे नागालैंड के कोहिमा में तैनात थे। शिलांग में ड्यूटी के दौरान उन्होंने IGNOU से BA की डिग्री हासिल की। ड्यूटी के साथ-साथ उन्होंने मेहनत कर यह बड़ा पद हासिल किया है।
यह भी पढ़ें : हिमाचल सेंट्रल यूनिवर्सिटी में निकली भर्ती, एक क्लिक में यहां जानिए पूरी डिटेल
हवलदार से असिस्टेंट कमांडेंट
असम राइफल में करीब 17 साल सेवाएं देने के बाद अब उनका चयन असिस्टेंट कमांडेंट के लिए हुआ है। साल 2023 में राजेंद्र का चयन स्पेशल कमीशन ऑफिसर के लिए हुआ। इसके बाद उन्होंने एक साल IMA देहरादून में कड़ा प्रशिक्षण लिया और बीते कल IMA की पासिंग आउट परेड में पास हुए।
राजेंद्र चौधरी के परिवार में उनकी मां, पत्नी और दो बेटे हैं। राजेंद्र के पिता स्वर्गीय हेमराज भी भारतीय सेना में नायब सूबेदार थे। उन्होंने 32 साल देश के लिए सेवाएं दी थी। राजेंद्र की मां राजकुमारी और पत्नी ममता देवी गृहिणी हैं। राजेंद्र के दोनों बेटे अभी पढ़ाई कर रहे हैं।
यह भी पढ़ें : हिमाचल : घर पर इंतजार कर रहे थे बच्चे, रास्ते में थम गई पिता की सांसें
आसान नहीं नौकरी के साथ पढ़ाई करना
राजेंद्र ने अपनी इस सफलता का श्रेय अपने परिवार को दिया है। अपनी सफलता के बारे में बताते हुए उन्होंने कहा कि नौकरी के साथ पढ़ाई करना आसान नहीं है। हालांकि, अगर मन में कुछ कर गुजरने का ठान लिया हो तो कोई भी ताकत आपको आपके लक्ष्य से दूर नहीं कर सकती। उन्होंने युवाओं को संदेश देते हुए कहा कि मेहनत करते रहे और हार ना मानें। एक दिन इसी से सफलता आकर आपके कदम चूमेगी।