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December 23, 2024

हिमाचल के प्रथम ने माता-पिता का नाम किया ऊंचा- वायु सेना में बना फ्लाइंग ऑफिसर

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कांगड़ा। हिमाचल प्रदेश के कांगड़ा जिले स्थित विधानसभा क्षेत्र पालमुर के गांव ननाओं के निवासी प्रथम परमार ने भारतीय वायु सेना में फ्लाइंग ऑफिसर के पद पर चयनित होकर अपने परिवार और क्षेत्र का नाम रोशन किया है। पिछले कल ननाओं गांव में परमार परिवार ने अपने लाल फ्लाइंग ऑफिसर प्रथम परमार का अभिनंदन किया। इस अवसर पर परिवार ने अपने कुल देव अक्षैणा महादेव के दर्शन किए और कुलदेवी सच्चियात व माता शीतला से आशीर्वाद लिया।

विधायक भी रहे शामिल

समारोह में कांगड़ा के स्थानीय विधायक विपिन परमार और भरमौर के विधायक डॉ. जनक राज भी मौजूद थे। दोनों नेताओं ने प्रथम परमार को उनकी इस बड़ी उपलब्धि पर बधाई दी और उनके भविष्य के लिए शुभकामनाएं दीं। यह भी पढ़ें : हिमाचल का वीर जवान शहीद- पत्नी और 5 साल के बच्चे का नहीं बचा कोई सहारा

परिवार की सैन्य सेवा की परंपरा

फ्लाइंग ऑफिसर प्रथम परमार के पिता संजीव परमार भारतीय रेलवे में सीनियर सेक्शन इंजीनियर हैं, जबकि उनकी माता शिक्षा क्षेत्र में कार्यरत हैं। प्रथम की बड़ी बहन मिनल परमार एक अंतरराष्ट्रीय कंपनी में सीनियर मैनेजर के रूप में कार्यरत हैं। यह भी पढ़ें : हिमाचल में आज बर्फबारी की संभावना- ड्राइ स्पेल टूटने के आसार

तीन साल किया कठिन प्रशिक्षण

प्रथम ने अपनी प्रारंभिक शिक्षा केंद्रीय विद्यालय रेडी कारखाना कपूरथला से प्राप्त की और 12वीं तक की शिक्षा कैंब्रिज इंटरनेशनल स्कूल से ली। इसके बाद, उन्होंने कड़ी मेहनत से NDA का परीक्षा उत्तीर्ण किया और खडकवासला में उनका चयन हुआ। यह भी पढ़ें : हिमाचल : डिपुओं में अब नए साल में मिलेगा सरसों तेल का कोटा, जानें डिटेल वहां तीन साल के कठिन प्रशिक्षण के बाद, उन्हें फाइटर प्लेन उड़ाने के लिए हैदराबाद स्थित भारतीय वायुसेना अकादमी में भेजा गया, जहां से उन्होंने वायु सेना में फ्लाइंग ऑफिसर के रूप में अपनी सेवाएं शुरू कीं।

परदादा ने लिया था विश्व युद्ध में भाग

परमार परिवार की सैन्य सेवा की परंपरा बहुत पुरानी है। फ्लाइंग ऑफिसर प्रथम परमार के परदादा कैप्टन दयाल सिंह परमार ने दूसरे विश्व युद्ध में भाग लिया था। उनके दादा सुवेदार राय सिंह ने 1965 और 1972 के भारत-पाक युद्धों में भाग लिया और श्रीलंका शांति सेना का हिस्सा भी रहे। वहीं, प्रथम परमार के चाचा कारगिल युद्ध में अग्रिम मोर्चे पर तैनात थे।

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