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February 14, 2026
हिमाचल की पहली महिला रेटिना गोल्ड मेडलिस्ट बनी कांगड़ा की बेटी, नेत्र विशेषज्ञ डॉ मनु ने रचा इतिहास
डॉ मनु ने राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय मंच पर चमकाया हिमाचल का नाम
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कांगड़ा। पहाड़ी राज्य हिमाचल प्रदेश की बेटियां आज हर क्षेत्र में अपनी प्रतिभा का लोहा मनवा रही हैं। शिक्षा, विज्ञान, प्रशासन, सेना, खेल और चिकित्सा ऐसा कोई क्षेत्र नहीं बचा, जहां पहाड़ की बेटियां बेटों के साथ कंधे से कंधा मिलाकर आगे न बढ़ रही हों। इसी श्रृंखला में कांगड़ा जिले के गग्गल की रहने वाली डॉ मनु शर्मा ने चिकित्सा जगत में एक नई मिसाल कायम की है। वह प्रदेश की पहली महिला रेटिना विशेषज्ञ बनी हैं, जिन्होंने राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय मंच पर हिमाचल का नाम रोशन किया है।
कांगड़ा जिला के गगल निवासी डॉ मनु शर्मा ने विट्रियोरेटिनल सर्जरी की उप-विशेषता में अखिल भारतीय नेत्र रोग सोसायटी की प्रतिष्ठित फेलोशिप परीक्षा उत्तीर्ण कर स्वर्ण पदक हासिल किया। यह उपलब्धि उन्हें देश के शीर्ष नेत्र विशेषज्ञों की पंक्ति में खड़ा करती है। नई दिल्ली में आयोजित दीक्षांत समारोह में भारत के पूर्व मुख्य न्यायाधीश D. Y. Chandrachud ने उन्हें गोल्ड मेडल और फेलोशिप प्रमाणपत्र प्रदान किया। इस अवसर पर देशभर के वरिष्ठ नेत्र रोग विशेषज्ञ और शिक्षाविद उपस्थित रहे।
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वर्तमान में डॉ. शर्मा स्नातकोत्तर चिकित्सा शिक्षा एवं अनुसंधान संस्थान (पीजीआईएमईआर), चंडीगढ़ से विट्रियोरेटिनल सर्जरी में एमसीएच की उच्च शिक्षा प्राप्त कर रही हैं, जो नेत्र चिकित्सा के क्षेत्र में अत्यंत विशेषज्ञ और चुनौतीपूर्ण मानी जाती है।
राष्ट्रीय उपलब्धि के बाद डॉ. शर्मा ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी अपनी पहचान बनाई। हांगकांग में आयोजित Asia-Pacific Academy of Ophthalmology के सम्मेलन में उन्होंने ‘बेस्ट फोटो प्रतियोगिता’ में प्रथम स्थान प्राप्त किया। इस उपलब्धि ने न केवल उनके कौशल को वैश्विक मंच पर स्थापित किया, बल्कि हिमाचल की बेटियों की क्षमता को भी नई पहचान दी।
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डॉ. मनु शर्मा का कहना है कि उनकी प्राथमिकता हिमाचल प्रदेश में उन्नत नेत्र चिकित्सा सुविधाओं को सुदृढ़ करना है। वह अपनी पढ़ाई पूरी करने के बाद प्रदेश में ही सेवाएं देना चाहती हैं, ताकि पहाड़ी क्षेत्रों के मरीजों को उच्च स्तरीय रेटिना उपचार के लिए बड़े महानगरों का रुख न करना पड़े।
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डॉ. मनु शर्मा के इस मुकाम तक पहुंचने से कांगड़ा सहित पूरे हिमाचल प्रदेश में गर्व और खुशी का माहौल है। उनकी सफलता इस बात का प्रमाण है कि यदि अवसर और संकल्प मजबूत हो, तो पहाड़ की बेटियां किसी भी क्षेत्र में पीछे नहीं रहतीं। आज हिमाचल की बेटियां न केवल अपने परिवार का, बल्कि पूरे प्रदेश का नाम रोशन कर रही हैं। डॉ. मनु शर्मा की यह उपलब्धि आने वाली पीढ़ी की लड़कियों के लिए प्रेरणा का स्रोत बन गई है।