#उपलब्धि
November 30, 2025
हिमाचल : बचपन में सेना की वर्दी देख जागा जुनून, अब लेफ्टिनेंट बन पूरा किया सपना
आरव ने अपने परिवार और पूरे क्षेत्र का सिर गर्व से ऊंचा कर दिया है
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ऊना। वीरभूमि कहलाए जाने वाले हिमाचल के कई बेटे-बेटियां देश सेवा में डटे हुए हैं। प्रदेश के होनहार भारतीय सेना में बड़े-बड़े पदों पर विराजमान हैं। होनहारों की लिस्ट में अब हिमाचल के ऊना जिले के एक बेटे ने भी अपना नाम दर्ज करवा लिया है।
उपमंडल बंगाणा के गांव रौणखर के रहने वाले आरव मोदगिल ने अपनी मेहनत के बल पर इतिहास रच दिया है। आरव ने भारतीय नौसेना में लेफ्टिनेंट के प्रतिष्ठित पद पर चयनित होकर न केवल अपने परिवार, बल्कि पूरे क्षेत्र का सिर गर्व से ऊंचा कर दिया है। उनके चयन की खबर जैसे ही क्षेत्र में पहुंची, ग्रामीणों और परिचितों में खुशी की लहर दौड़ गई।
आरव मोदगिल उन युवाओं में से हैं जिनके भीतर देश सेवा की भावना बचपन से ही रची-बसी रही। परिवार के अनुसार, स्कूल के दिनों से ही वे सेना की वर्दी पहनकर देश की रक्षा करने का सपना देखते थे।
आरव पढ़ने में काफी होनहार रहे हैं। शैक्षणिक जीवन में आरव हमेशा हर कक्षा में अव्वल रहे। आगे चलकर उन्होंने भारतीय नेवी में चयन प्रक्रिया को ध्यान में रखते हुए आवश्यक ट्रेनिंग, शारीरिक तैयारी और लिखित परीक्षाओं में पूरी लगन से मेहनत की।
भारतीय नौसेना में लेफ्टिनेंट का पद प्राप्त करना आसान नहीं होता। इस पद के लिए उम्मीदवारों को कड़े अनुशासन, शारीरिक क्षमता, मानसिक मजबूती और विभिन्न चरणों वाली कठिन चयन प्रक्रिया से होकर गुजरना पड़ता है। आरव का चयन इस बात का प्रमाण है कि लक्ष्य स्पष्ट हो तो मेहनत कभी व्यर्थ नहीं जाती।
आरव की सफलता से मोदगिल परिवार में उत्सव जैसा वातावरण है। उनके पिता जीवन मोदगिल ने भावुक होकर कहा कि आरव का यह मुकाम उनके जीवन की सबसे बड़ी खुशी है। उन्होंने बताया कि आरव ने कठिन परिस्थितियों में भी हार नहीं मानी और हमेशा देश सेवा को प्राथमिकता दी।
गांव रौणखर में भी लोग बेटे की इस उपलब्धि पर गर्व महसूस कर रहे हैं। ग्रामीणों का कहना है कि आरव ने छोटे से गांव का नाम राष्ट्रीय स्तर पर रोशन किया है। लोगों ने आरव को बधाई देते हुए कहा कि यह उपलब्धि क्षेत्र के अन्य युवाओं के लिए एक प्रेरणादायक उदाहरण है।
आरव ने दिन-रात कड़ी मेहनत कर ये सफलता हासिल की है। भारतीय नौसेना में लेफ्टिनेंट पद पर चयन स्थानीय युवाओं के लिए नई प्रेरणा लेकर आया है। गांव के कई युवाओं ने कहा कि आरव की सफलता ने उन्हें भी सेना में करियर बनाने के लिए प्रोत्साहित किया है।
आरव मोदगिल ने यह साबित किया है कि अनुशासन, कड़ी मेहनत और सपनों के प्रति ईमानदारी- इन तीन मूल्यों के दम पर छोटे गांवों से निकलकर भी युवा ऊंचे आयाम छू सकते हैं। उनकी यह उपलब्धि आने वाले समय में अनेक युवाओं को नई दिशा दिखाएगी।